शामली। डीएम ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जल निगम के अधिकारियों को प्रदूषित पानी देने वाले हैंडपंप को उखाड़ने के निर्देश दिए हैं। प्लास्टिक, पॉलीथिन, पुराने टायर, खेतों में फसल के अवशेष जलाने पर रोकथाम के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि ऐसा करने वाले व्यक्तियों पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
बुधवार को कलक्ट्रेट में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदूषित पानी से फैल रही बीमारियों पर नियंत्रण करने के लिए कृृषि, एआरटीओ, जल निगम आदि अधिकारियों को सक्रिय होना पडे़गा। फसलों में कीट नाशक दवाइयों से मनुष्य के स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने बीएसए, डीआईओएस को विद्यालयों में पौधारोपण करने के निर्देश दिए। कृृषि उपनिदेशक आनंद त्रिपाठी ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेशों का पालन किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से कृषि अवशेषों को न जलाने बल्कि कृषि अवशेषों का दूसरे रूप में उपयोग करने, कंपोस्ट खाद बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
क्षेत्रीय कर्मचारियों को इस कार्य के लिए प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इस मौके पर एआरटीओ मोहम्मद कय्यूम, पीडब्लूडी से ललित कुमार अग्रवाल, डीआई ओएस एमएस सिद्दीकी, एके तिवारी रीजनल ऑफिसर मुजफ्फरनगर, बीएसए चंद्रशेखर, थानाभवन ईओ रवि यादव आदि मौजूद रहे।