गांव में रहने वाले शहरी पथ विक्रेताओं को भी मिलेगा लोन
शामली। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर स्वनिधि योजना में ऐसे पथ विक्रेताओं को भी शामिल किया जाएगा जो ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं और शहरी क्षेत्र में ठेली-रेहड़ा लगाते हैं। दो दिन चले शिविर में ऐसे लोगों को भी पंजीकरण में शामिल कर लिया गया है। दस और 11 अगस्त को जिले के सभी दस नगर निकायों में 1380 स्ट्रीट वेंडर के पंजीकरण हुए हैं।
शहरी क्षेत्र में ठेला-रेहड़ी लगाने वाले, पथ विक्रेताओं को प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर स्वनिधि योजना के अंतर्गत 10 हजार रुपये का ऋण दिए जाने की योजना चल रही है। योजना में ऋण वापसी एक साल में 12 मासिक किस्त के माध्यम से कर सकेंगे। इस ऋण पर किसी प्रकार की बंधक गारंटी की जरूरत नहीं होगी। समय पर या समय से पहले ऋण वापस करने पर सात प्रतिशत की दर से ब्याज सब्सिडी मिलेगी। इसके अलावा डिजिटल लेनदेन पर 50 से 100 रुपये तक की मासिक नकदी वापसी (कैश बैक) प्रोत्साहन के रूप में दिया जाएगा। अब तक इस योजना में केवल शहरी क्षेत्र के निवासियों को ही चुना जा रहा था लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्र के रहने वाले लोगों को भी शामिल कर लिया गया है। शर्त यह है कि संबंधित व्यक्ति अपना ठेला, रेहड़ी शहरी क्षेत्र में लगाता हो।
परियोजना अधिकारी डूडा प्रदीप कुमार ने बताया कि दस और 11 अगस्त को सभी दस नगर निकायों में लगाए गए पंजीकरण शिविरों में 1380 लोगों ने पंजीकरण कराया है जबकि 943 पंजीकरण पहले थे। उन्होंने बताया कि पंजीकरण अब भी कराया जा सकता है। इसके अलावा नगर निकायों में भी सर्वे का काम चल रहा है। ठेला-रेहड़ी लगाने वालों का पंजीकरण कर उन्हें योजना का लाभ दिलाया जाएगा। 151 आवेदन ऋण के लिए बैंकों को भेजा जा चुके हैं, जिनमें से 44 आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं।