शामली। कच्चे तेल के दामों में वृद्धि के बाद सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाले तारकोल (बिटुमेन) के दामों में बढ़ोतरी होने से जिले में 100 करोड़ रुपये से अधिक के सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य प्रभावित हो गए हैं। बढ़ी लागत के चलते कई ठेकेदारों ने काम की रफ्तार धीमी कर दी है, जबकि 25 से अधिक सड़क परियोजनाओं पर निर्माण कार्य पूरी तरह रोक दिया गया है।
जिले में लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना समेत विभिन्न एजेंसियों की ओर से 100 से अधिक स्थानों पर सड़क निर्माण, चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और मरम्मत कार्य चल रहे हैं। इनमें कई सड़कों का निर्माण तारकोल से किया जाना है, जबकि कुछ स्थानों पर सीसी सड़कें बनाई जा रही हैं।
बताया गया कि अधिकांश परियोजनाओं के टेंडर उस समय जारी हुए थे, जब तारकोल के दाम काफी कम थे। अब अचानक कीमतों में दोगुनी बढ़ोतरी होने से लागत बढ़ने पर कई ठेकेदारों ने सड़क उखाड़ने या बेस तैयार करने के बाद कार्य रोक दिया है।
ठेकेदारों के अनुसार पहले ग्रेड-10 का तारकोल करीब 45 हजार रुपये प्रति टन मिलता था, जो अब बढ़कर 90 हजार रुपये प्रति टन तक पहुंच गया है। ग्रेड-30 का तारकोल 54 हजार से बढ़कर करीब 95 हजार रुपये प्रति टन हो गया है, जबकि ग्रेड-40 का तारकोल 57 हजार रुपये से बढ़कर एक लाख रुपये प्रति टन तक पहुंच गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में कई सड़कें खुदी पड़ी हैं, जिससे धूल और गड्ढों की समस्या बनी हुई है। बारिश शुरू होने पर अधूरी सड़कों पर कीचड़ और फिसलन की समस्या और बढ़ने की आशंका है। nठेकेदारों से ली जाएगी अतिरिक्त परफारमेंस सिक्योरिटी : प्रदेश सरकार की ओर से यह निर्णय लिया गया है कि 15 प्रतिशत से अधिक कम दरों पर निविदा लेने वाले ठेकेदारों के निर्माणाधीन और पूर्ण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी। वहीं जिन ठेकेदारों का प्रदेश में कोई निर्माण कार्य नहीं चल रहा है या जिन्होंने पिछले दो वर्षों में कोई कार्य पूरा नहीं किया है, उनसे अतिरिक्त परफारमेंस सिक्योरिटी ली जाएगी। nजल्द शुरू होना चाहिए निर्माण कार्य : नगर के कैराना रोड निवासी मंजीत सिंह, कुशांक चौहान का कहना है कि जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू होना चाहिए। मामले को लेकर जल्द ही जिलाधिकारी से भी मिला जाएगा।