हंगामे की भेंट चढ़ा किसान दिवस
शामली। कलक्ट्रेट पर आयोजित किसान दिवस पर मिलों के बकाया गन्ना भुगतान ना करने और बिजली चेकिंग के नाम पर उत्पीड़न का आरोप लगाते भाकियू नेताओं ने जमकर हंगामा किया। नारेबाजी करते हुए भाकियू नेता वहीं धरना देकर बैठ गए। हंगामा बढ़ने पर अफसरों के हाथ पांव फूल गए। बाद में पिछले सत्र का गन्ना भुगतान मंगलवार तक कराने और विद्युत निगम की जांच टीम पर लगे आरोपों की जांच तहसीलदार को देने की घोषणा के बाद धरना समाप्त हुआ।
कलक्ट्रेट सभागार में साज सज्जा का काम चल रहा है। इसलिए सोमवार को कलक्ट्रेट परिसर में अपर जिलाधिकारी अरविंद कुमार की अध्यक्षता में खुले में ही किसान दिवस का आयोजन किया गया। जहां भाकियू नेताओं ने गन्ना भुगतान को लेकर तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए। भाकियू जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान ने कहा कि दिसंबर में हुए किसान दिवस में मिल अफसरों ने डीएम के सामने कहा था कि वह पिछले पेराई सत्र का पूरा भुगतान 31 दिसबंर तक कर देंगे, लेकिन नहीं किया। बाद में 20 जनवरी तक करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अभी तक भी शामली शुगर मिल पर करीब 10 करोड़ और थानाभवन पर 8.50 करोड़ बकाया है।
भाकियू प्रदेश महासचिव जावेद तोमर ने कहा कि विद्युत निगम कर्मचारी चेकिंग करने जाते हैं और वीडियोग्राफी का डर दिखा ग्रामीणों का उत्पीड़न करते हैं। हथछौया, पिंडोरा और बुच्चाखेड़ी आदि गांवों का उदाहरण देते भाकियू नेताओं ने हंगामा करना शुरू कर दिया। कुर्सियों ने उठकर जमीन पर जाकर बैठ गए। कहा कि समस्या का ठोस समाधान हुए बिना धरना समाप्त नहीं होगा। बाद में विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता जेके पाल मौके पर पहुंचे और किसानों को भरोसा दिया कि वह मामले की जांच कराएंगे। एडीएम अरविंद कुमार और अपर पुलिस अधीक्षक राजेश श्रीवास्तव के आश्वासन पर धरना खत्म हुआ। मौके पर कृषि उपनिदेशक शिवकुमार केसरी, कुुलदीप पंवार, जोवद तोमर, संजीव राठी, योगेंद्र पंवार, गयूर हसन, बिजेंद्र सैनी आदि शामिल रहे।
ऐसे किसान दिवस का क्या फायदा
सुुुनील राणा ने बताया कि कांधला क्षेत्र में नाला पटरी पर घास उगी है। ये इतनी लंबी है कि सड़क पर आधे रास्ते पर आती है। दुपहिया वाहन भी वहां से आसानी से नहीं निकल पता। घास आंखों में घुसती है। पिछले किसान दिवस में भी ये मुद्दे उठा चुका है, लेकिन आज तक किसी ने कुछ नहीं किया। ऐसे में यदि किसी के साथ बड़ी वारदात हो गई तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। कहा कि जब पिछले किसान दिवस की शिकायतों पर कुछ नहीं होता तो ऐसे किसान दिवस का क्या फायदा।
ब्याज सहित मिले गन्ना भुगतान
रणधीर सल्फा ने कहा कि सरकार का नियम है कि 14 दिन के बाद जो गन्ना भुगतान दिया जाए वो ब्याज सहित हो, लेकिन मिल इस नियम का पालन नहीं कर रही। नया गन्ना पेराई सत्र चालू हुए करीब ती महीने होने वाले हैं, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। इस रकम पर भी ब्याज मिलना चाहिए।
खेत चट कर गए आवारा जानवर
गुड्डू बनत ने उठाया शामली जिले में सात गोशाला बंद कर दी गई है। इनमे रहने वाले पशु आवारा हो गए हैं। ये गांवों में आवारा घूमते हैं अैर खेतों में फसलों को नष्ट करते हैं। उनके गेहूं के खेत में इन आवारा पशुओं ने घुसकर बहुत नुकसान किया है। क्या सरकार इसकी भरपाई करेगी।
आज तक नहीं पहुंची बिजली
खोड़समा निवासी अरविंद ने कहा कि वैसे तो सरकार हर घर को जगमगाने के दावे कर रही है, लेकिन उनके गांव में इंदिरा नगर में आज तक बिजली की लाइन नहीं पहुंच सकी है। लोग जैसे जैसे काम कर रहे हैैं, लेकिन आज तक विद्युत निगम का ध्यान नहीं गया।
कोट
शुगर मिलों को मंगलवार तक पिछले सत्र का पूरा गन्ना भुगतान करने को कहा गया है। यदि ऐसा नहीं करते तो मिलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। भाकियू नेताओं द्वारा विद्युत निगम की चेकिंग टीम के खिलाफ की गई शिकायत की जांच ऊन तहसीलदार को दी गई है। यदि जांच में आरोप सही मिले तो कार्रवाई होगी। - अरविंद सिंह ,अपर जिलाधिकारी