शामली। जिले में संपत्ति खरीद व बेचने का बैनामा कराने वाले पुरुष और महिलाएं बेबसाइट पर अपना फोटो देख सकेंगे। शामली-और कैराना तहसील के उपनिबंधक कार्यालय आनलाइन कर इंटरनेट से जोड़ दिए गए हैं।
जिले में शामली व कैराना ब्लाक में उपनिबंधक कार्यालय में मैनुअल बैनामे होते थे। क्रेताओं-विक्रेताओं के फोटो लगाकर दस्तावेज उपनिबंधक कार्यालय में क्रेता-विक्रेताओं की जांच कराने के लिए पेश किया जाता था। उपनिबंधक की जांच के बाद मैनुअल बैनामे हो जाते थे।
अब कंप्यूटरीकृत रजिस्ट्री प्रणाली के तहत दस्तावेज लेखक क्रेता-विक्रेताओं के दस्तावेज तैयार कर उन्हें उपनिबंधक के सामने पेश करेगा। जांच के बाद क्रेता-विक्रेता को कैमरे के सामने पेश होकर फोटो खिंचवाने होंगे। इसके बाद अंगूठा छाप लिए जाने के बाद बैनामे की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। बाद में बैनामे की चेक स्लिप निकलेगी। क्रेता-विक्रेता बेबसाइट पर फोटो देख सकेंगे।
रजिस्ट्री कंप्यूटर प्रणाली से स्टांप की मालियत व रजिस्ट्र की जांच हो जाएगी। जिले के सहायक निबंधक अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि विशेषतया क्रेता-विक्रेता के फोटो, अंगूठे का निशान कप्यूटर से लिए जाते हैं। कंप्यूटरीकृत रजिस्ट्री प्रणाली से गड़बड़ी की संभावनाएं समाप्त हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि 24 नवंबर को कैराना व 30 नवंबर को शामली तहसील में उपनिबंधक कार्यालय में कंप्यूटरीकृत रजिस्ट्री प्रणाली शुरू कर दी है।
पुरानी फीस पर हुए बैनामे
शामली। उत्तर प्रदेश शासन की अधिसूचना आदेश नहीं आने के कारण जिले में बैनामा की बढ़ी पंजीकरण फीस लागू नहीं हो पाई है। पुरानी पंजीकरण फीस पर बैनामा हो सके। एक प्रतिशत से लेकर दो प्रतिशत निबंधन लेखपत्रों के पंजीकृत शुल्क की अधिकतम सीमा दस हजार से बढ़ाकर बीस हजार और वसीयत शुल्क एक सौ रुपये से पांच सौ रुपये, पावर एटार्नी शुल्क पांच सौ रुपये, दत्तक विलेख पांच सौ रुपये निर्धारित किए थे।
उत्तर प्रदेश शासन की बैनामा की बढ़ी पंजीकरण फीस एक दिसंबर से लागू होनी थी। सहायक निबंधक (स्टांप) अरविंद कुमार सिंह ने बताया मंगलवार को उत्तर प्रदेश शासन से बैनामा की बढ़ी पंजीकरण फीस का लागू होने का अधिसूचना आदेश प्राप्त नहीं हुआ। इस कारण पुरानी पंजीकरण फीस पर बैनामा हो पाए हैं।