बताया कि मोहल्ले में पिछले 12 दिनों से लगातार पुलिस के आने का क्रम जारी है। यही कारण है कि हमारे अलावा अन्य परिवारोेें में बेटे और बेटियाें की शादी होनी थी, जिन्हें पीछे हटा दिया है।
यही नहीं पुलिस के पकड़े जाने के डर से रिश्तेदारों ने ही आना बंद कर दिया है। रात में तो कई बार पुलिस के बूटों की आवाज सुनकर बच्चे भी जाग जाते हैं। पुलिस और अन्य एजेंसियों के सदस्य किसी भी घर का दरवाजा खटखटाने लगते हैं, जिससे लोग जाग खड़े होते है। मोहल्ला भी बदनाम हो चुका है ।
उन्हें डर सताया रहता है कि कहीं उनका बच्चा या बच्ची भी गलत कार्यों में न पड़ जाएं। चंद परिवारों के कारण मोहल्ला बदनाम हो रहा है। यही हाल रहा तो हम अपनी रिश्तेदारी में लोनी में जाकर शरण ले लेंगे। यहां की गलियां सुनी पड़ी हुई हैं। स्कूली बच्चे ही नजर आ रहे हैं। पुलिस जाने पर तो एक तरह से लोग सहम से जाते हैं।
हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कलीम प्रकरण में किसी भी निर्दोंष को नहीं फंसाया जाएगा। मोहल्ले वालों को अगर किसी तरह की दिक्कत है तो पुलिस को कॉल कर सूचना दे सकते हैं। तुरंत उनकी मदद की जाएगी।
कलीम को रिमांड पर लेगी एसटीएफ
एसटीएफ के एएसपी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी कलीम को सोमवार को एनआईए कोर्ट लखनऊ में पेश किया जाएगा। कोर्ट में पेश कर आरोपी को रिमांड पर लेने का प्रयास किया जाएगा ताकि आईएसआई और अन्य एजेंटों के संबंध में अन्य खुलासा भी हो सके।