बलिदान हुए एसटीएफ के इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मरणोपरांत राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा। शामली के चौसाना क्षेत्र में करीब डेढ़ वर्ष पूर्व कुख्यात मुकीम काला गैंग के बदमाश एक लाख रुपये के इनामी अरशद समेत चार बदमाशों के साथ मुठभेड़ में वे बलिदान हुए थे।
20 जनवरी 2025 की रात को एसटीएफ मेरठ के साथ चौसाना क्षेत्र में गंगोह मार्ग पर उदपुर ईंट भट्ठे के पास कार सवार बदमाशों से मुठभेड़ हुई थी। आमने-सामने हुई फायरिंग में गोली लगने से मुकीम काला गैंग का शार्प शूटर एक लाख का इनामी समेत सहारनपुर के गंगोह निवासी अरशद, सोनीपत के रोहट गांव के मंजीत उर्फ बिल्ला उर्फ जुबैर, करनाल के मधुबन निवासी सतीश और घरौंडा निवासी मनवीर मारे गए थे।
इस मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ के इंस्पेक्टर सुनील कुमार तीन गोली लगने से घायल हो गए थे। अस्पताल में उपचार के दौरान इंस्पेक्टर बलिदान हो गए थे। एसटीएफ को कार सवार बदमाशों द्वारा झिंझाना थाने के चौसाना क्षेत्र में लूट के लिए जाने की सूचना मिली थी।
एसपी एनपी सिंह ने बताया कि बदमाशों को ढेर करने वाले साहसी इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मरणोपरांत राष्ट्रपति वीरता पदक पुरस्कार दिया गया है। स्वतंत्रता दिवस पर लखनऊ में यह सम्मान उनके परिजन को दिया जाएगा। सुनील कुमार मेरठ के इंचौली गांव के रहने वाले थे।
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