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UP News: शामली कोतवाली प्रभारी समेत 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश, गंभीर है मामला

Sat, 30 Aug 2025 11:14 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, शामली

सार

Shamli News: सिसौली निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक आचार्य बंधु ने वर्ष 2019 में पुलिसकर्मियों पर घर में घुसकर मारपीट करने का आरोप लगाया था। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग में शिकायत की गई थी। आयोग ने अब आरोपियों पर कार्रवाई करने को कहा है।
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police - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सिसौली के सेवानिवृत्त शिक्षक आचार्य बंधु के घर में घुसकर मारपीट करने और बाद में उन्हें कथित रूप से झूठे मुकदमे में जेल भेजे जाने के मामले में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने सुनवाई पूरी कर ली है। आयोग ने तत्कालीन भौराकलां थाना प्रभारी और वर्तमान में शामली कोतवाली प्रभारी वीरेंद्र कुमार कसाना सहित करीब 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की है। आयोग के उपाध्यक्ष सूर्य प्रकाश पाल ने इस संबंध में मुजफ्फरनगर और शामली के पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजा है।
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सिसौली निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक आचार्य बंधु ने आयोग को 17 फरवरी 2020 को शिकायत भेजी थी। इसमें आरोप लगाया कि 28 अप्रैल 2019 को जब वे अपनी जमीन पर निर्माण कार्य करा रहे थे, तभी सिसौली के मोहल्ला धीमानपुरा के पांच लोग उनके घर में घुस आए और मारपीट कर जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। पीड़ित का कहना है कि इस घटना की लिखित शिकायत भौराकलां थाने पर दी गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
 

आचार्य बंधु ने आगे आरोप लगाया कि 12 सितंबर 2019 की सुबह लगभग पांच बजे तत्कालीन भौराकलां थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार कसाना, दरोगा गुरुवचन सिंह, एक महिला कांस्टेबल पिंकी और 10–15 हथियारबंद पुलिसकर्मियों के साथ उनके घर में घुस आए। उन्होंने पूजा कर रहे शिक्षक को बुरी तरह पीटा, गाली-गलौज की और 50 हजार रुपये की मांग करते हुए खरीदी गई जमीन को गांव के कुछ लोगों को सौंपने का दबाव बनाया।
 

पीड़ित के मुताबिक रुपये न देने पर पुलिस ने फर्जी और मनगढ़ंत आरोपों में मारपीट व धमकी की रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया। आचार्य बंधु का कहना है कि इससे उनका जीवन और सामाजिक मान-सम्मान दोनों बर्बाद हो गए।
 

आयोग में सुनवाई
शिकायत पर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने सुनवाई की। आयोग में एसपी मुजफ्फरनगर के प्रतिनिधि के तौर पर क्षेत्राधिकारी भी उपस्थित हुए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं और पत्रावली में दर्ज दस्तावेजों का अवलोकन किया गया। इसके बाद आयोग ने तत्कालीन भौराकलां थाना प्रभारी व वर्तमान शामली कोतवाली प्रभारी वीरेंद्र कुमार कसाना, जांच अधिकारी सरदार गुरुवचन सिंह समेत 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश मुजफ्फरनगर व शामली के एसपी को की। आयोग का कहना है कि शिकायतकर्ता को न्याय दिलाना आवश्यक है।
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ये बोले आरोपी कोतवाली प्रभारी 
शामली कोतवाली प्रभारी वीरेंद्र कुमार कसाना ने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि मामला जांचाधीन है और जांच अधिकारी इस पर कार्यवाही कर रहे हैं। आरोपी शिक्षक के खिलाफ पर्याप्त सुबूत हैं, उसी आधार पर कार्रवाई की गई थी।

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