गन्ना भुगतान की मांग करते गौरव टिकैत।
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दरअसल, शामली मिल पर वर्ष 2022-23 का करीब 188 करोड़ रुपये बकाया चल रहा है। जिसके विरोध में किसान शामली शुगर मिल में पिछले 11 दिन से धरना दे रहे हैं। सोमवार को किसान ट्रैक्टर मार्च निकालते हुए कलक्ट्रेट में भी धरना देने के लिए पहुंचे थे मगर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। पुलिस और किसानों के बीच नोकझोंक हुई। किसानों ने कलक्ट्रेट के गेट पर चढ़कर अंदर जाने का प्रयास किया था मगर सफल नहीं हो सके थे।
हाईवे पर धरना देते किसान।
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गुस्साए किसान कलक्ट्रेट के सामने चौराहे पर धरना देकर बैठ गए थे और हाईवे जाम कर दिया था। मंगलवार को भी किसान हाईवे पर जमे रहे। किसानों ने कहा कि जब तक बकाया भुगतान नहीं होगा, उनका धरना जारी रहेगा।
किसानों ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वे अनिश्चितकाल के लिए भी हाईवे को जाम करने को बाध्य होंगे। मौके पर किसान नेता संजीव शास्त्री, प्रभात मलिक, वीरेंद्र मलिक, जयवीर मलिक, बाबा राजेंद्र मलिक, सतबीर सिंह, मुकेश, सनी, विनोद मलिक, प्रमोद कुमार, राजेश, मनीष कुमार, रितिक आदि शामिल रहे।
उधर, हाईवे जाम के कारण देहरादून, हरियाणा और अन्य स्थानों पर जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूर दूर तक वाहनों की लाइनें लगी हैं। पुलिस भी सुरक्षा की दृष्टि से धरनास्थल पर तैनात है।