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UP:30 मिनट चली थी मुठभेड़, AK-47 से इंस्पेक्टर सुनील ने किए थे ताबड़तोड़ फायर, मरणोपरांत वीरता पदक से सम्मानित

Sat, 15 Aug 2026 10:10 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली

सार

बलिदानी एसटीएफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार को स्वतंत्रता दिवस पर मरणोपरांत वीरता पदक से सम्मानित किया गया। 20 जनवरी 2025 की शामली मुठभेड़ में उन्होंने एके-47 से बदमाशों का मुकाबला करते हुए अहम भूमिका निभाई थी।
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शहीद इंस्पेक्टर सुनील का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 बलिदानी एसटीएफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मरणोपरांत स्वतंत्रता दिवस पर वीरता पदक से सम्मानित किया गया। इंस्पेक्टर सुनील ने 20 जनवरी 2025 में मुकीम काला और मुस्तफा उर्फ कग्गा गैंग के शार्प शूटर अरशद समेत चार बदमाशों को शामली के झिंझाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में मार गिराने में अहम भूमिका निभाई थी। मुठभेड़ के दौरान उन्होंने एके-47 से ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए बदमाशों का जमकर मुकाबला किया था।

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मुठभेड़ के दौरान पुलिस और कग्गा गैंग के सदस्यों के बीच करीब 30 मिनट तक फायरिंग हुई थी। दोनों ओर से करीब 40 गोलियां चली थीं। एसटीएफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने अपनी एके-47 से कई फायर किए थे। इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने टीम का नेतृत्व करते हुए करीब आधे घंटे तक बदमाशों का मुकाबला किया। इस दौरान उन्हें तीन गोलियां लगीं और वह गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

अनिल दुजान, ददुआ और ठोकिया समेत कई एनकाउंटर में शामिल रहे इंस्पेक्टर सुनील
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बलिदानी इंस्पेक्टर सुनील कुमार मेरठ क्षेत्र के रहने वाले थे। वह पूर्व में आर्म्ड फोर्स में तैनात रहे और पीएसी कंपनी में कमांडर भी रहे। करीब 26 साल पहले वह एसटीएफ में शामिल हुए थे। सुनील कुमार ददुआ और ठोकिया समेत कई कुख्यात बदमाशों के एनकाउंटर में शामिल रहे। उन्होंने कई बदमाशों को मार गिराने में अहम भूमिका निभाई थी।पश्चिमी यूपी के कुख्यात अनिल दुजाना, आदेश और धीरज को मुठभेड़ में मार गिराने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।

यह है मामला
20 जनवरी 2025 की रात एसटीएफ मेरठ की टीम की चौसाना क्षेत्र में गंगोह मार्ग पर उदपुर ईंट भट्ठे के पास कार सवार बदमाशों से मुठभेड़ हुई थी। आमने-सामने हुई फायरिंग में मुकीम काला गैंग का शार्प शूटर और एक लाख रुपये का इनामी अरशद समेत सहारनपुर के गंगोह निवासी अरशद, सोनीपत के रोहट गांव निवासी मंजीत उर्फ बिल्ला उर्फ जुबैर, करनाल के मधुबन निवासी सतीश और घरौंडा निवासी मनवीर मारे गए थे।

शहीद इंस्पेक्टर सुनील का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बदमाशों के पास मिली थी विदेशी कार्बाइन और पिस्टल
मुठभेड़ के बाद पुलिस को एक लाख रुपये के इनामी अरशद और उसके साथियों के पास से विदेशी कार्बाइन और पिस्टल मिली थीं। बताया गया था कि कग्गा गैंग के अन्य सदस्य भी हथियार उपलब्ध करा रहे थे। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की कार में चार स्थानों पर गोलियों के निशान मिले थे।

कग्गा ने झिंझाना में सिपाही और किसान की कर दी थी हत्या
पूर्व में आतंक का पर्याय बने कग्गा ने वर्ष 2009 में मंसूरा गांव निवासी हारुण की मुखबिरी के शक में मंसूरा रोड पर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके अलावा कांस्टेबल सचिन ने उसे रोकने का प्रयास किया था तो उसकी भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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वीरता से लड़ो, चाहे अंजाम कुछ भी हो
इंस्पेक्टर सुनील कुमार अपने साथियों से अक्सर कहते थे कि कोई भी लड़ाई हो, उसे वीरता से लड़ना चाहिए, चाहे अंजाम कुछ भी हो। साथियों के बीच यह बात कहने के करीब एक सप्ताह बाद ही वह एनकाउंटर के दौरान शहीद हो गए।
मुठभेड़ में ये थे रहे साथ

इंस्पेक्टर सुनील के साथी प्रमोद ने पिस्टल से तीन, जयवीर सिंह ने एक, हेड कांस्टेबल प्रीतम सिंह ने दो, विवेक ने एक, हेड कांस्टेबल जोशी राणा ने एक, विकास धामा ने एक, रोमेश तोमर ने एक, आकाशदीप ने एक और अंकित कुमार ने एक फायर किया था।
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