उत्तर प्रदेश के शामली में 2017 के विधानसभा चुनाव में मतदाताओं ने नोटा यानी नन ऑफ अबव का विकल्प अपनाया था। कोई भी उम्मीदवार पसंद न आने पर मतदाताओं को यह बटन दबाना था। उस समय मतदाताओं को इस बटन के बारे में ज्यादा जानकारी भी नहीं थी। फिर भी तीनों विधानसभा चुनाव में 2844 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग किया था।
तीनों विधानसभाओं में 17 प्रत्याशियों के वोट नोटा से भी कम रह गए थे। कैराना विधानसभा चुनाव में 1060 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग किया था। जिसके चलते पांच प्रत्याशी नोटा से पीछे रह गए थे। शामली विधानसभा में 901 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग किया था। यहां सात प्रत्याशियों के वोट नोटा से कम रह गए थे। जबकि थानाभवन में 883 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया था। यहां पांच प्रत्याशी नोटा से कम वोट हासिल कर पाए थे। इस बार तीनों विधानसभा चुनाव में 10-10 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।