- जनपद के 24 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शुरू होगा अनुपालन
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। कम नामांकन पर परिषदीय स्कूलों को विलय आदेश को लेकर बेसिक के शिक्षक विरोध कर रहे हैं। वहीं अब यूपी बोर्ड की शिक्षकों की बायोमेट्रिक हाजिरी की अनिवार्यता को लेकर घमासान मच गया है। जुलाई माह का वेतन माध्यमिक शिक्षक तभी आहरित कर सकेंगे जब वेतन आवेदन के साथ पूरे माह उपस्थिति का प्रिंट आउट संलग्न करेंगे।
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने आदेश पत्र जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय प्रेषित किया है, जिसमें बायोमेट्रिक प्रक्रिया की स्कैम कापी लेकर ही वेतन जारी करने के निर्देश हैं। इस महीने का वेतन तो जुलाई में शिक्षक प्राप्त कर लेंगे, लेकिन जुलाई में कार्य करने की बायोमेट्रिक प्रति लगाने पर ही भुगतान दिया जाएगा।
इस आदेश को दो चरणों में प्रभावी करने की तैयारी स्थानीय स्तर से शुरू कर दी गई है। 115 माध्यमिक स्कूलों के पहले चरण में 24 राजकीय स्कूलों में तैनात 65 शिक्षकों पर लागू किया जा रहा है। इनके लिए बायोमेट्रिक मशीन की खरीद प्रोजेक्ट अलंकार की मदद से की जाएगी।
वहीं शेष बचने वाले स्ववित्तपोषित स्कूलों को बायोमेट्रिक मशीन की खरीद अपने स्तर से ही करनी होगी। डीआईओएस कार्यालय से इसके लिए प्रधानाचार्यों व प्रबंधकों को निर्देश पत्र जारी कर दिए गए हैं।
-छात्रवृत्ति में भी मिलेगा लाभ
शिक्षा विभाग के सूत्रों की माने तो यह पूरा मामला व आदेश छात्रों की उपस्थिति तय करने के लिए हो रही है। जिसकी शुरुआत शिक्षकों के जरिए यूपी बोर्ड ने की है। पिछले वर्ष समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने छात्रवृत्ति के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति का प्रारुप भी जोड़ दिया है, लेकिन किसी भी माध्यमिक स्कूल में बायोमेट्रिक व्यवस्था न होने पर जैसे तैसे प्रक्रिया पूरी हुई। व्यवस्था न होने का खामियाजा कुछ आवेदकों को भी झेलना पड़ा और छात्रवृत्ति से वंचित रहना पड़ा।
-इन्होंने कहा
वेतन के लिए बायोमेट्रिक अनिवार्य किया गया है। पहले चरण में 24 राजकीय स्कूलों में इसे प्रभावी किया जाएगा। बायोमेट्रिक मशीन के लिए प्रोजेक्ट अलंकार के तहत प्रस्ताव तैयार कराया जाएगा। इस प्रक्रिया से माध्यमिक शिक्षा में सुधार होगा और बिना अवकाश स्वीकृति के शिक्षक स्कूल नहीं छोड़ सकेंगे। - जेएस शाक्य, डीआईओएस