शामली। शहर में करोड़ी मार्ग स्थित कीटनाशक दवा विक्रेता सनोज कुमार का दो मंजिला मकान बुधवार की रात भरभराकर गिर गया। मकान गिरने की आशंका के कारण परिवार रात में पड़ोसी के मकान में सोया था। जिस कारण जनहानि होने से बच गई। मलबे में मकान में रखा लगभग 40 लाख की कीमत का सामान दबकर खराब हो गया।
सनोज की माजरा रोड पर कीटनाशक दवा की दुकान है। श्री सत्यनारायण इंटर कॉलेज के पास करोड़ी मार्ग पर 100 गज भूमि पर 2009 में मकान बनाया था। इसके बाद 2017 में दूसरी मंजिल बनाई। वह अपनी पत्नी नीरज व अधिवक्ता पुत्र अभिषेक के साथ मकान में रहते थे। सनोज के मुताबिक बुधवार शाम को उन्हें नीचे लगे पत्थर में दरार नजर आई। उसने इसे गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन मुख्य गेट का एक दरवाजा ऊपर का दबाव पड़ने से बंद हो गया। इसके अलावा अंदर कमरे के दरवाजे भी फर्श से रगड़ खा रहे थे। उन्हें अनहोनी की आशंका हुई तो वह रात में अपनी पत्नी के साथ पड़ोस में मकान में चले गए जबकि उनका पुत्र अपने दोस्त के यहां चला गया था।
देर रात करीब ढ़ाई बजे तेज आवाज के साथ मकान भरभराकर गिर गया। मलबे में मकान में रखा फर्नीचर, सोने-चांदी के आभूषण, दस्तावेज आदि दब गए। पीड़ित ने लगभग 40 लाख रुपये का नुकसान होना बताया है। पीड़ित ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।
मकान में लगी थी जीवनभर की पूंजी सब बर्बाद हो गया
पीड़ित सनोज व उसकी पत्नी नीरज ने बताया कि मकान बनाने में जीवन भर की पूंजी लगाई थी, जो कि पलभर में ही मलबे में तब्दील हो गई। सनोज ने बताया कि मकान के अलावा उसके पास कोई अन्य चल-अचल संपत्ति नहीं है। वह एक झटके में ही बेघर हो गया। लोगों ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिजनों को दिलासा देने में लगे रहे।
मकान के दोनों तरफ है खाली प्लाॅट
मकान के दोनों तरफ खाली प्लाट पड़े हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं भरा है और न ही नमी दिखाई दी। एक तरफ के प्लाट में निर्माण कार्य शुरू किया गया है, जिसके लिए नींव की खोदाई की गई थी। सनोज का कहना है कि मकान के आसपास कोई नमी नहीं है और नही कहीं पानी का लिकेज नजर आया। फिर भी मकान कैसे गिर गया, यह समझ में नहीं आ रहा है।
शामली में करोड़ी मार्ग पर गिरा दो मंजिला मकान।संवाद