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पड़ोसियों की दो दो किस्त आ गई, मेरी एक भी नहीं

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शामली कृषि उपनिदेशक कार्यालय में अपनी सम्मान निधि के बारे में जानकारी लेता किसान - फोटो : SHAMLI
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पड़ोसियों की दो दो किस्त आ गई, मेरी एक भी नहीं
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शामली। कृषि उपनिदेशक कार्यालय का कंप्यूटर कक्ष शनिवार दोपहर करीब एक बजे किसानों से भरा पड़ा था। कोई किसान हाथ में अपना आधार कार्ड लिए खड़ा था तो कोई बैंक पास बुक। कुछ किसान तो थैले में अपनी जोत बही से लेकर तमाम कागजात लेकर ही पहुंच गए थे। ये किसान कंप्यूटर कक्ष में मौजूद कृषि उपनिदेशक शिवकुमार से जूझ रहे थे। सवालों की बौछार उन पर कर रहे थे और वे उनकी बातों का जवाब दे रहे थे। एक बात पूूरी नहीं करता तो दूसरा किसान तपाक से अपनी समस्या बताता। अमर उजाला ने कृषि उपनिदेशक दफ्तर जाकर किसानों की परेशानियां जानी।
कृषि उपनिदेशक कार्यालय में कई किसान ऐसे भी आए थे, जिनकी एक या दो किस्त आ चुकी हैं, लेकिन अब उनके पास मेसेज आ गया कि उनका डाटा में नाम गलत है। ये किसान सवाल उठा रहे हैं कि जब उनकी किस्तें आ चुकी हैं तो फिर डाटा में नाम गलत का क्या मतलब। कुछ किसानों ने महीनों पहले आवेदन फार्म भरा था, लेकिन उनकी एक भी किस्त नहीं आई थी। कुछ किसानों को बैंक खाता गलत बताकर मेसेज भेजा गया था।
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कुछ किसान ऐसे भी थे, जिन्होंने सम्मान निधि के लिए पंजीकरण भी करा लिया है लेकिन उनका डाटा वेबसाइट पर ही नजर नहीं आ रहा। इस तरह के किसान भी उपनिदेशक कार्यालय पहुंचे। कृषि उपनिदेशक ने बताया कि करीब डेढ़ महीने पहले जिन्होंने अपना पंजीकरण कराया है और उनका विवरण वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है तो किसान चिंता ना करें, इनका डाटा जल्द ही वेबसाइट पर अपलोड हो जाएगा। कुछ ने तो अधिकारियों से यहां तक कहा कि जब किस्त आ गई तो नाम कैसे गलत हो गया। बामनौली के किसान आदेश कुमार ने अपने मोबाइल में आया मेसेेज अधिकारियों को दिखाते हुए कहा कि उनकी सम्मान निधि की पहली किस्त आ गई थी। अब दूसरी किस्त आनी थी, लेकिन उनके पास मेसेज आ गया कि डाटा में उनका नाम गलत है। उसे ठीक कराओ। उसने सवाल उठाया कि जब उसकी एक किस्त आ गई है तो फिर अब डाटा में नाम गलत होने का क्या मतलब। जैसे पहली किस्त आई थी इसी तरह दूसरी भी भेजनी चाहिए।
एंट्री सही फिर भी नहीं पहुंची किस्त
पुरमाफी से आए किसान पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि उसकी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की आज तक एक भी किस्त नहीं आई। सिस्टम में डाटा भी सब एंट्री सही बता रहा है, लेकिन फिर भी किस्त खाते में नहीं आई। कहा कि उनके गांव में कई की दो दो किस्त आ गई उनकी एक भी नहीं आई।
मेरा पैसा आ गया मां का अटक गया
जलालपुर के रामनिवास शर्मा कहते हैं कि मेरी और मेरी माता दोनों का बैँक में ज्वाइंट एकाउंट है। दोनों की जमीन अलग है। सम्मान निधि के आवेदन में दोनों ने ही उसे बैंक खाते का नंबर दे दिया, लेकिन सम्मान निधि केवल उनके ही खाते में आई है ,मां की सम्मान निधि नहीं आई। यहां आने पर पता चला कि दोनों का एक ही खाता नंबर होने की वजह से एकाउंट गलत दर्शाकर पेंशन रोक दी गई है।
अब कह रहे दोबारा फार्म भरो
भूरा गांव के किसान आदेश कुमार ने कहा कि उसने भी सम्मान निधि का फार्म भरा था, लेकिन आज तक एक भी किस्त नहीं आई। सब कागजात लगा दिए। कोई कुछ भी नहीं बता पा रहा है अब कहा जा रहा दोबारा से फार्म भर लो। वो तो परेशान हो गया है।
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कोट
कुछ किसानों के पास कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा सूचनात्मक मेसेज भेजे गए हैं। इनमें कुछ किसान ऐसे भी आ रहे हैं जिनकी सभी डाटा एंट्री आदि सब कुछ सही है, ऐसे में संभव है कि ये मेसेज सामान्य रूप से सभी किसानों को भेजे गए हैं। मेसेज में ये भी बताया गया है कि किसान इस संबंध में विभाग की वेबसाइट से भी पूरी जानकारी ले सकते हैं जो किसान कार्यालय में आ रहे हैं उनकी त्रुटियां ठीक कराई जा रही हैं।
अधिक जानकारी को किसान इस वेबसाइट पर जाएं
पीएम किसान डॉट जीओवी डॉट इन
नोट-कृपया इंगलिश में प्रकाशित करने का कष्ट करें -
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