बाबरी (शामली)। बिहार के ठाकुरगंज क्षेत्र में बंगाल बॉर्डर के पास गांव बनतीखेड़ा के दो दोस्तों सादिक और सुहेल की तेज रफ्तार कार की टक्कर से मौत हो गई। हादसे की सूचना गांव पहुंचते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। बचपन से साथ रहने वाले दोनों दोस्तों की एक साथ मौत से हर आंख नम है।
गांव बनतीखेड़ा निवासी सादिक (23) पुत्र अहसान ट्रक चालक था, जबकि सुहेल (22) पुत्र अशफाक ट्रक पर क्लीनर था। शुक्रवार को दोनों सीतापुर से ट्रक में लोहे का सामान भरकर गुवाहाटी, असम के लिए रवाना हुए थे। इनके मालिक की दूसरी गाड़ी भी सामान लेकर उनके साथ चल रही थी।
शुक्रवार तड़के करीब दो बजे बिहार के ठाकुरगंज क्षेत्र में बंगाल बॉर्डर के पास आगे चल रही दूसरी गाड़ी का टायर पंक्चर हो गया। चालक ने सड़क किनारे वाहन खड़ा कर टायर बदलना शुरू कर दिया। पीछे से आ रहे सादिक और सुहेल ने भी अपना ट्रक वहीं रोक लिया। दोनों ट्रक से उतरकर साथी चालक का हालचाल जानने के लिए उसकी ओर बढ़े ही थे कि पीछे से आई तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर गांव पहुंचते ही दोनों परिवारों में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों के अनुसार सादिक और सुहेल बचपन से गहरे दोस्त थे। दोनों अक्सर साथ काम करते और अधिकतर समय एक-दूसरे के साथ ही बिताते थे। गांव में चर्चा है कि जीवनभर साथ रहने वाले दोनों दोस्त दुनिया भी एक साथ छोड़ गए।
परिवार की जिम्मेदारी थी कंधों पर
बाबरी। परिजनों के अनुसार सादिक तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था और परिवार की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। उसके पिता मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। वहीं सुहेल छह भाई-बहनों में सबसे छोटा था। करीब चार वर्ष पूर्व पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी काफी हद तक उसी के कंधों पर आ गई थी। दो मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मोहल्ले के लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने में लगे हुए थे।
बाबरी क्षेत्र के गांव बनती खेड़ा निवासी सादिक का फाइल फोटो । परिजन
बाबरी क्षेत्र के गांव बनती खेड़ा निवासी सादिक का फाइल फोटो । परिजन