- नकली खाद व उर्वरक बेचने की सूचना पर जिला कृषि अधिकारी व सप्लाई विभाग की टीम ने मारा था छापा
- यूरिया खाद के सैंपल जांच के लिए भेजे, 14 एलपीजी गैस सिलिंडर भी बरामद
संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। नकली यूरिया खाद बेचने की सूचना पर जिला कृषि अधिकारी व सप्लाई विभाग की टीम, नायब तहसीलदार सतीश कुमार ने पुलिस के साथ गांव मोहम्मदपुर राई की दो दुकानों पर छापा मारा। टीम ने बंद दुकानों का ताला तोड़कर मौके से 14 एलपीजी गैस सिलिंडर व काफी संख्या में खाद के बोरे व कीटनाशक बरामद कीं। बाद में टीम ने यूरिया खाद आदि के सैंपल लेने के बाद दुकान पर सील लगा दी। मामले में आरोपी दो सगे भाइयों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दे दी गई।
सोमवार को जिला कृषि अधिकारी प्रदीप यादव ने पुलिस व प्रशासनिक टीम के साथ गांव मोहम्मदपुर राई में यूरिया खाद की दो दुकानों पर छापा मारा। उक्त दुकानें दो भाइयों फारूख व शाहरुख की हैं। मौके पर दुकानें बंद मिलने पर टीम ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में दोनों दुकानों के ताले तोड़कर दुकानें खुलवाईं। टीम को मौके पर यूरिया खाद, डीएपी व पेस्टीसाइड के करीब 100 बोरे मिले।
इसके अलावा काफी मात्रा में अलग-अलग कंपनियों के कीटनाशक भी मौके से बरामद किए गए। दोनों के पास यूरिया खाद बेचने का लाइसेंस नहीं था। बाद में टीम ने दोनों दुकानों पर सील लगा दी। जिला कृषि अधिकारी प्रदीप यादव ने बताया कि मामले में दो सगे भाइयों फारुख व शाहरुख के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अवैध खाद का स्टॉक मिलने के मामले में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज
जिला कृषि अधिकारी प्रदीप यादव ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया कि मोहम्मदपुर राई में फारूक और उसके भाई शाहरुख की दुकान पर छापेमारी के दौरान बिना लाइसेंस के करीब सौ यूरिया खाद, इफको खाद और पेस्टिसाइड के बोरे मिले। इफको खाद और पेस्टिसाइड केवल सहकारी समिति पर ही किसानों को बेचा जाता है। इन्हें प्राइवेट दुकानों पर नहीं बेचा जाता। जांच के दौरान यूरिया तथा अन्य खाद की क्वालिटी सही नहीं मिली। सैंपल जांच के लिए भेज गए हैं। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
इसके अलावा दूसरा मुकदमा आपूर्ति निरीक्षक मदन पाल ने कराया, जिसमें आरोप लगाया कि आरोपियों की दुकान से 14 एलपीजी गैस सिलेंडर मिले हैं जो आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आते हैं। फारुख और शाहरुख के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।