शामली। ट्रक लूटने वाले गिरोह के चार बदमाशों को गढ़ीपुख्ता थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम ने दबोच लिया। बदमाशों के कब्जे से लूटे गए ट्रक के अलावा दो तमंचे, कारतूस तथा दो छुरी बरामद की गई हैं।
गिरफ्तार चारों बदमाशों को बुधवार दोपहर एसपी कार्यालय पर मीडिया के सामने लाया गया। एसपी विजय भूषण ने बताया कि आठ सितंबर की रात गढ़ीपुख्ता थाना क्षेत्र में गंदेवड़ा नहर पुलिया के पास बदमाशों ने सारिक पुत्र महमूद निवासी दौलतपुर तथा अलीशान पुत्र मतलूब निवासी बुढ़नपुर थाना गंगोह जिला सहारनपुर से ट्रक लूट लिया था। ट्रक लूटने के बाद चालक और उसके साथी को बंधक बनाकर गन्ने के खेत में डाल दिया था।
बुधवार सुबह मुखबिर के जरिये सूचना मिली कि लूटे गए ट्रक को बदमाश कहीं बेचने के लिए जा रहे हैं तथा वह ऊन की तरफ से थानाभवन जाएंगे। इसके चलते घेराबंदी कर हथछोया रजवाहा पुलिया के पास से ट्रक सहित चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया। फुगाना निवासी नीरज ट्रक चला रहा था। उसके कब्जे से छुरी बरामद हुई।
वहीं, सुंदर से 12 बोर का तमंचा व दो कारतूस, परवेज उर्फ आकिल से 303 बोर का तमंचा तथा एक कारतूस और सुनील से छुरी बरामद हुई। आरोपियों की गिरफ्तारी में थानाध्यक्ष गढ़ीपुख्ता अमरदीप लाल तथा क्राइम ब्रांच के उपनिरीक्षक सुधीर कुमार की अहम भूमिका रही। इस खुलासे पर पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा भी की गई। इस दौरान सीओ झिंझाना वसीम खान भी मौजूद रहे।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
नीरज कुमार पुत्र राजबीर निवासी ग्राम फुगाना जनपद मुजफ्फरनगर
सुंदर पुत्र कालूराम निवासी सनौली खुर्द थाना सदर कोतवाली पानीपत (हरियाणा)
परवेज उर्फ आकिल पुत्र याकूब निवासी जसवंतपुरी थाना सिविल लाइन जनपद मुजफ्फरनगर
सुनील पुत्र बाबूराम निवासी ग्राम करौदा महाजन थाना फुगाना जनपद मुजफ्फरनगर
अलमासपुर के डबल मर्डर में जेल जा चुका है सुंदर
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार चारों आरोपियों का आपराधिक रिकार्ड है। आरोपी सुंदर मुजफ्फरनगर के अलमासपुर में वर्ष 2009 में दो लोगों की हत्या करने के मामले में गिरफ्तार होकर जेल गया। वहीं, नीरज बड़ौत और फुगाना क्षेत्र से लूटपाट की वारदातों में शामिल रहा है। आरोपी सुनील फुगाना थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है। सुनील ही इस गैंग का सरगना है।
खालापार के युवक ने कराया ट्रक का सौदा
गिरफ्तार बदमाशों ने बताया कि लूटे गए ट्रक में बजरी भरी थी। बजरी को उन्होंने जगह जगह रोक कर खाली कर दिया था। इसके बाद मुजफ्फरनगर के खालापार निवासी कय्यूम नामक युवक से ट्रक बेचने का सौदा हुआ। हालांकि कुछ दिन बाद ही वह एक मामले में गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया था। इसके बाद वह ट्रक को देवबंद अथवा मेरठ में बेचने की तैयारी कर रहे थे।