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सवारियों की मुसीबत बढ़ी, पैदल कराना पड़ा सफर

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शामली सहारनपुर रोड पर पैदल जाते यात्री - फोटो : SHAMLI
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शामली। भारत बंद के दौरान जगह जगह हाईवे पर चक्का जाम और धरनो से प्राइवेट बसों का संचालन बंद रहा। यूपी रोडवेज की बस चक्का जाम में फंसने के कारण सवारियों की मुसीबत बढ़ी है। सवारियों को पैदल चलकर अपनी यात्रा करनी पड़ी। जाम के कारण हरियाणा-यूपी रोडवेज की बसों की 50 फीसदी आय प्रभावित हुई है।
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जिले के दिल्ली-शामली, सहारनपुर, मेरठ- करनाल, पानीपत-शामली, मुजफ्फरनगर खटीमा, शामली खतौली समेत प्राईवेट मार्गो पर 387 प्राइवेट-रोडवेज और मिनी बसों का नियमित संचालन होता है। भारत बंद के दौरान 223 प्राईवेट और मिनी बसों का संचालन सुबह से लेकर दोपहर तक संचालन पूरी तरह बंद रहा। हरियाणा-यूपी रोडवेज की 164 बसों का सुबह के समय संचालन हुआ, मगर सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर तीन बजे तक किसानों के चक्का जाम में फंस गई।
शामली बस अड्डे के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राजेंद्र चौहान ने बताया कि शामली से दूसरे जिलों और प्रदेशों के लिए हरियाणा और यूपी रोडवेज की 164 बसों का संचालन होता है। जिसमें लोनी, बड़ौत, सहारनपुर, शामली, मेरठ, खतौली, मुजफ्फरनगर, पानीपत, करनाल की हरियाणा-यूपी रोडवेज की बसे शामिल है।
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इसी प्रकार प्राईवेट बसों में मुजफ्फरनगर, बुढ़ाना, भौराकला, गंगोह, लोनी-शामली मार्ग पर सुबह के समय कोहरा दिन में चक्का जाम के कारण संचालन प्रभावित हुआ है। एआरएम मनोज वाजपेयी ने बताया कि शामली बस अड्डे की 23 रोडवेज बसों से साढ़े तीन लाख की आय प्रतिदिन होती है। भारत बंद के दौरान चक्का जाम से पचास फीसदी आय पूरी तरह प्रभावित हुई है।
223 प्राईवेट बसों का संचालन बंद
शामली। प्राइवेट बस यूनियन के अध्यक्ष योगेंद्र सिंह ने बताया कि मुजफ्फरनगर-शामली, कैराना, बिड़ौली, ऊन चौसाना, बुढ़ाना, भौंराकला, लोनी-शामली, शामली गंगोह मार्ग पर 223 बसों का संचालन होता है। भारत बंद के कारण पूरे दिन संचालन बंद रहा। शाम के समय इक्का दुक्का बसों का संचालन हो पाया है। लोनी- शामली मार्ग पर 49 बसों के यूनियन के अध्यक्ष सुरेशपाल सिंह ने बताया कि मिनी बसों का संचालन सुबह से लेकर तीन बजे तक प्रभावित रहा। जिससे 70-80 हजार रुपये की आय प्रभावित हुई। शाम के चार बजे मिनी बसों का संचालन किया गया।
घर में बीमार, दवाई लेने पैदल चलकर शामली आया बबलू
शामली। हाथी करौदा निवासी बबलू घर में बीमार होने के कारण वह दवाई लेने के लिए वह शामली पैदल चलकर आया। शामली से दवाई लेकर पैदल अपने घर लौटा।
सृष्टि का पेपर छूटा, मेरठ नहीं जा पाई
शामली। थानाभवन निवासी सृष्टि को अपना पेपर देने के लिए मेरठ जाना था। थानाभवन से बस में शामली आ गई। चक्का जाम में वह शहर के एसटी तिराहे तक पहुंची, मगर चक्काजाम के कारण शामली से मेरठ के लिए नहीं जा पाई। बसों का संचालन न होने से सृष्टि होकर अपने घर लौट गई। पेपर की तैयारी की थी, मगर भारत बंद से उसके मंसूबों पर पानी फिर गया है।
शादी समारोह के पैदल रवाना हुए
शामली। सहारनपुर निवासी कंवर पाल अपने परिवार के साथ बुच्चाखेड़ी में शादी समारोह में शामिल होने के लिए आया था। एसटी तिराहे पर भारत बंद और चक्का जाम के कारण पैदल परिवार के साथ रवाना हुआ। बघरा निवासी अनुज ने बताया कि वह पानीपत से बड़ी मुश्किल से शामली पहुंचा है। बघरा जाने के लिए पैदल यात्रा करनी पड़ी।
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