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कूड़े से लदी ट्राॅली बैंक के सामने खड़ी कर दी

Sat, 17 Dec 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
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revel - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कांधला। नोटबंदी के चलते खातों में आया सैलरी का रुपया नहीं मिलने से क्षुब्ध नगर पालिका परिषद के दर्जनों कर्मचारियों ने भारतीय स्टेट बैंक के बाहर कूडे़ से लदी ट्रैक्टर ट्राली खड़ी कर जमकर हंगामा किया। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों को समझा बुझाकर शांत किया। 
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केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले को एक माह बीत जाने के बाद भी बैंकों के बाहर से भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है । आए दिन बैंकों में कैश नहीं मिल रहा है।

पर्याप्त पैसा नहीं मिलने के कारण उपभोक्ताओं को अपनी जरूरतों को पूरा करने में परेशानी हो रही है। जिसके चलते आए दिन बैंकों के बाहर हंगामे प्रदर्शन हो रहे हैं। शुक्रवार को नगर पालिका प     रिषद के दर्जनों कर्मचारियों ने पैसा नहीं मिलने के कारण कस्बे के भारतीय स्टेट बैंक के बाहर कूड़े की ट्रैक्टर ट्राली खड़ी कर जमकर हंगामा किया। 
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कर्मचारियों का आरोप है कि बैंक मैनेजर रसूखदार लोगों को नई करेंसी उपलब्ध करा रहा है, जबकि उन्हें उनका वेतन नहीं मिल रहा है। जिसके चलते कर्मचारियों को भारी परेशानी हो रही है।

बैंक के बाहर हंगामा बढ़ता देख बैंक मैनेजर ने मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हंगामा कर रहे कर्मचारियों को समझा बुझा कर शांत किया।

बाद में बैंक मैनेजर विरेंद्र कुमार ने कर्मचारियों को शांत करते हुए बताया कि पिछले तीन दिनों से बैंक को बहुत कम मात्रा में पैसा मिल पा रहा है, लेकिन जल्द ही पर्याप्त मात्रा में बैंक के पास पैसा आने वाला है जिसको सभी लोगों को वितरित कर दिया जाएगा। मैनेजर के आश्वासन पर पालिका कर्मी शांत हुए। जिसके बाद उन्होंने बैंक के बाहर लगी कूडे़ की ट्राली को वहां से हटाई ।

पैसा ट्रांसफर नहीं कर रहे बैंक कर्मी
झिंझाना। भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में प्रधानमंत्री की डिजीटल ट्रांजेक्शन स्कीम को बैंक कर्मी ही पलीता लगाने पर तुले है। बैंक में एक खाते से दूसरे खाते में रकम ट्रांसफर कराने के लिए आए ग्राहकों को बैंककर्मी कानून बताकर गुमराह कर रहे है।

ग्राहकों को कभी चेकबुक, कभी पासबुक, कभी पैन कार्ड लाने की बात कहकर भगा दिया जाता है। उधर, बैंक प्रबंधक आरके शर्मा ने बताया कि यह सहायक प्रबंधक के अधिकार क्षेत्र की बात है। बैंक की गाइड लाइन के अनुसार अगर एक खाते से दूसरे खाते में रुपये भेजने हों तो मात्र एक प्रार्थना पत्र ग्राहक को प्रबंधक के नाम लिखना होता है। बैंक के ग्राहक अयाज, नारायणदत्त शर्मा, इरफान, गयूर, प्रेमचंद्र, वादिल, चंद्रदत्त आदि ने समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
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