एसपी शामली अभिषेक के हस्तक्षेप के बाद अंतरराज्यीय लोकेशन शेयर करने वाले गिरोह के सरगना के पकड़े जाने के बाद पुलिस के रडार पर बागपत, शामली, मुजफ़्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, सोनीपत, दिल्ली के करोल बाग, लक्ष्मीनगर, देहरादून, गाजियाबाद, कर्नाटक के 30 ट्रांसपोर्टर आ गए हैं, जो ग्रुप में एड हैं।
खास बात यह है कि तीन महिलाओं के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई है। माना जा रहा है कि महिला ट्रांसपोर्टर भी गिरोह में शामिल हो सकती है। शामली पुलिस हरियाणा, उत्तराखंड, दिल्ली, कर्नाटक पुलिस को संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी पत्र लिखेगी, ताकि गिरोह का कोई भी सदस्य नहीं बच सके। यही नहीं लोकेशन शेयर करने वाले 10 से अधिक ग्रुपों की जांच भी पुलिस ने शुरू कर दी है।
एसपी अभिषेक ने बताया कि ग्रुप में ट्रक चालकों के साथ-साथ कई ट्रांसपोर्टर भी गिरोह का साथ निभा रहे हैं। ऐसे कई ट्रांसपोर्टरों को चिह्नित कर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा गिरोह के सदस्यों के खातों को भी फ्रीज कराया जाएगा। यही नहीं, उनके वाहनों के पंजीकरण, चालकों के लाइसेंस रद्द करने के लिए संबंधित जिलों और राज्यों के एआरटीओ,आरटीए और परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी, ताकि गिरोह के सदस्य भविष्य में इस तरह से लोकेशन शेयर नहीं करें। यही नहीं आरोपियों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए डीएम को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी। आरोपियों का चरित्र प्रमाण पत्र निरस्त करने के लिए सभी जिलों को भी रिपोर्ट भेजी जा रही है। गिरोह के किसी भी सदस्य को बख्शा नहीं जाएगा।
शामली, बागपत और अन्य के व्हाट्सएप ग्रुपों की भी जांच शुरू
अधिकारियों की लोकेशन शेयर करने करते व्हाट्सएप ग्रुपों का संचालन करने वाले लोग अनपढ़ या फिर कक्षा पांचवीं तक पढ़े हैं। पकड़ा गया शाामली का गिरोह का सरगना वसीम भी पांचवीं पास है।
अमर उजाला ने 6 अक्तूबर के अंक में व्हाट्सएप ग्रुपों पर लोकेशन देने का खेल नामक शीर्षक से प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित की थी। जिसमें ओवरलोड और अन्य वाहनों को निकलवाने के लिए अधिकारियों की लोकेशन व्हाट्सएप ग्रुपों पर शेयर कर 1500 तक रुपये लिए जाते थे।
एसपी अभिषेक ने बताया कि प्रकाशित खबर का संज्ञान लेकर मामले की जांच कराई गई। पता चला कि सबका साथ सबका विकास नामक ग्रुप में लोकेशन शेयर करने का खेल चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के सरगना शामली के टटौली के रहने वाले वसीम पुत्र रईस को गिरफ्तार कर लिया। जिसके कब्जे से एक कार, मोबाइल फोन बरामद किया गया। जांच में पता चला कि 91 और लोग ग्रुप में शामिल है, जिनमें ट्रक चालकों के अलावा ट्रक मालिक भी हैं। सभी 92 के खिलाफ आईपीसी की धारा धारा 186 और 34 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।