शामली। ट्रांसफार्मर लगाने में राजनीतिक दबाव में काम करने वाले बिजली अधिकारियों पर उपभोक्ता फोरम ने जुर्माना लगाया है। एक किसान की तरफ से दायर वाद में फोरम ने फैसला सुनाते हुए 30 हजार रुपये किसान को देने का आदेश किया है।
झिंझाना क्षेत्र के गांव ढिंढाली निवासी किसान रविंद्र पुत्र सुखबीर सिंह ने जिला उपभोक्ता परिततोष फोरम में वाद दायर कराया था। रविंद्र का कहना था कि सिंचाई हेतु विद्युत कनेक्शन पर कम वोल्टेज आने के कारण डबल पोल का आवेदन किया था।
विद्युत वितरण खंड प्रथम के यहां से आवेदन स्वीकृत होने के बाद अधीक्षण अभियंता के कार्यालय में लंबित रहा। तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसका कनेक्शन उच्चीकृत नहीं किया गया। वहीं, तत्कालीन ऊर्जा मंत्री के दबाव में बिजली विभाग ने उनके गांव के सतीश पुत्र प्रकाश और भुल्लन पुत्र कूड़ा को लाभ पहुंचाने के उद्देश से सतीश के नलकूप पर 25 केवी का ट्रांसफार्मर लगा दिया, जबकि यह ट्रांसफार्मर रघुवीर पुत्र खुब्बी और सतीश पुत्र प्रकाश के नलकूप के बीच रखा जाना चाहिए था।
रविंद्र ने विद्युत अभाव में सिंचाई न हो पाने के कारण पांच लाख रुपये खेती के नुकसान, मानसिक क्षतिपूर्ति के एक लाख रुपये, वाद व्यय पर 50 हजार रुपये सहित कुल 6.50 लाख रुपये दिलाने और विद्युत कनेक्शन लगाने की मांग की थी।
जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष एसकेएस यादव, सदस्य श्रवण कुमार और इंदु चौधरी की पीठ ने मामले की सुनवाई करते निर्णय सुनाया और प्रकरण में पश्चिमांचल पावर कारपोरेशन के एमडी ऑफिस में तैनात मुख्य अभियंता मनीष कुमार, अधीक्षण अभियंता मुजफ्फरनगर को दोषी बताया।
आदेश दिया गया है कि पीड़ित किसान को फसल नुकसान पर 15 हजार, मानसिक क्षतिपूर्ति 10 हजार, वाद व्यय पांच हजार सहित कुल 30 हजार रुपये का भुगतान किया जाए। यह रकम आदेश की तिथि से 30 दिन के अंदर जिला उपभोक्ता फोरम में जमा कराई जाए। निर्धारित तिथि के बाद 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दंड स्वरूप भुगतान करना पड़ेगा।