शामली। शामली से लेकर टपरी तक विद्युतीकरण का खंभे, तार वायरिंग का ज्यादा तक कार्य पूरा हो गया है। हिंड रेलवे स्टेशन के पास उत्तर रेलवे का 132 केवीए का बिजलीघर से शामली से लेकर टपरी तक करंट छोड़ा जाएगा। शामली से लेकर टपरी तक विद्युतीकरण का कार्य अगले माह अक्तूबर तक पूरा जाएगा। दिसंबर में दिल्ली-सहारनपुर रेलवे मार्ग पर विद्युत ट्रेनों का संचालन होने की उम्मीद है।
दिल्ली से लेकर शामली तक विद्युतीकरण कार्य पांच माह पूर्व पूरा हो चुका है। एक अप्रैल से शामली से लेकर टपरी तक का विद्युतीकरण कार्य चल रहा है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अक्तूबर महीने तक शामली से लेकर टपरी तक विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। शामली से लेकर टपरी तक विद्युतीकरण पूूरा हो जाने के बाद हिंड में 132 केवीए का रेलवे के बिजलीघर से करंट छोड़ा जाएगा। हिंड में रेलवे का 132 केवीए का बिजलीघर का निर्माण चल रहा है। जिसका 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। करंट छोड़े जाने के बाद शामली से लेकर टपरी तक टेस्टिंग की जाएगी। हिंड में उत्तर रेलवे का बिजलीघर का निर्माण किया जा रहा है।
हिंड बिजलीघर का 80 प्रतिशत कार्य पूूरा हो चुका है। उत्तर रेलवे के विद्युतीकरण के सेक्शन इंजीनियर बनवारी लाल गुप्ता ने बताया कि शामली से लेकर टपरी तक विद्युतीकरण कार्य खंभे लगाना, तार वायरिंग का ज्यादातर कार्य पूरा हो चुका है। नवंबर में विद्युतीकरण की टेस्टिंग करने के बाद उत्तर रेलवे की स्पीड टेस्टिंग रिपोर्ट उत्तर रेलवे को जाएगी। ओके रिपोर्ट आने के बाद दिल्ली-शामली, सहारनपुुुर तक विद्युत ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।
हिंड बिजली घर के चार फीडर बनेंगे
शामली। हिंड बिजलीघर का निर्माण कार्य देख रहे रैपिड इंटर प्राइजेज के निदेशक राहुल राठी का कहना है कि शामली से टपरी तक रेलवे स्टेशनों को बिजली आपूर्ति करने वाले हिंड बिजली घर में जलालाबाद, नानौता, रामपुर, भांकला में विद्युत फीडर बनाए जाएंगे। बिजलीघर के तार खींचने और रेलवे ट्रैक में कनेक्शन दिया जाना अवशेष है। यह कार्य अभी अवशेष है। अक्तूबर माह में यह सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। शामली से टपरी तक सभी रेलवे स्टेशनों को बिजली आपूर्ति की जाएगी।