शामली में एमएलसी वीरेंद्र सिंह के गांव में शौचालय निर्माण में गड़बड़ी की जांच पहले ब्लाक स्तरीय अधिकारियों को सौंपी गई थी। इस जांच रिपोर्ट में अलग-अलग तथ्य सामने आए। अब डीएम ने जिलास्तरीय अधिकारियों को मामले की जांच सौंपी है।
जसाला निवासी महेंद्र, शिव कुमार, रमेश कुमार, मांगेराम, कर्ण सिंह, तेजपाल, पंजाब सिंह, रामपाल सिंह, अतेंद्र सिंह ने 12 अगस्त को एसडीएम सदर और डीएम को शिकायती पत्र सौंपा था। जिसमें बताया था कि ग्राम प्रधान और सचिव ने अपात्र लोगों के यहां शौचालयों का निर्माण कराया है।
साथ ही पुराने शौचालयों को नए शौचालय बताकर शासन से धनराशि ली गई है। ग्रामीणों ने शौचालयों की जांच करा अपात्र लोगों से वसूली किए जाने की मांग की थी। ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम ने आदेश पर सीडीओ ने खंड विकास अधिकारी कांधला को जांच सौंपी थी। बीडीओ डॉक्टर वीरेंद्र सिंह की जांच के अनुसार सरोजदेवी, अंतरोज, सागर के पुुुराने शौचालयों को नया बनाकर सुविधा दी गई।
सेना के सेवा निवृत्त सुंदरपाल, उसकी पत्नी दोनों को शौचालय का लाभ दिया गया। प्रमिला देवी शिक्षक, मुनेश पशुधन विभाग में नौकरी करते हैं, उन्हें भी शौचालयों का लाभ दिया गया है। चालीस बीघा के किसानों के संयुक्त परिवार, प्रधान के भाई, अन्य किसानों को भी लाभ दिया गया है।
डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि जसाला गांव के शौचालयों की जांच बीडीओ कांधला, एडीओ कांधला से कराई गई थी। दोनों ब्लाक स्तरीय अधिकारियों की जांच में अलग-अलग बात सामने आई है। डीएम ने एक माह पूर्व डीडीओ बलराम सिंह, जिला कृषि अधिकारी आनंद त्रिपाठी को जांच सौंपी है, अभी तक जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो पाई है।