शामली। मौसम वैज्ञानिकों की यदि माने तो शनिवार को झमाझम बारिश होगी। रविवार के बाद मौसम में सुधार होगा। शनिवार को मौसम वैज्ञानिकों ने 15- 20 एमएम बारिश होने की चेतावनी दी है। मंगलवार रात्रि के बाद खराब हुआ मौसम फिलहाल सुधार होने की संभावना नहीं है।
पिछले तीन दिन से लगातार सुबह धूप दोपहर बाद बादल और बूंदाबांदी के बाद मौसम ठंडा हो जाता है। शुक्रवार को बारिश के बाद देर शाम बजे आठ बजे 17 डिग्री सेल्सियस तापमान 11 किमी प्रति घंटा हवाएं, आर्र्दता 83 रिकार्ड की गई है। शनिवार को विधानसभा चुनाव की मतगणना सुबह आठ बजे से शुरू होना का समय है।
मतगणना के दिन बारिश-ओले पड़े तो मतगणना स्थल तक जाने के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पडेगा। तथा देेर से मतगणना शुरू हो सकती है। बघरा के कृषि विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. पीके सिंह और सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विद्यालय के मृदा विभाग के अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार अहलुवालिया ने बताया कि शनिवार-रविवार को अच्छी खासी बारिश व गरज के साथ ओले पड़ने की संभावना है। 15-20 एमएम बारिश होने की संभावना है। सोमवार के बाद मौसम में सुधार आएगा। शनिवार को मौसम खराब होने की चेतावनी दी गई है।
बरसात, ओलाें से किसानों में मायूसी
कैराना/कांधला। मौसम के बदले मिजाज ने जहां फिर से ठंड बढ़ा दी, वहीं बरसात और ओलों के कारण गेहूं, सरसों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। खेतों की हालत देखकर किसानों में मायूसी छाई हुई है।
दो दिन से मौसम का मिजाज बदल रहा है। बृहस्पतिवार शाम को तेज हवाओं के साथ बरसात हुई, तो आधी रात को भी जमकर बारिश हुई। वहीं, शुक्रवार को कैराना और कांधला क्षेत्र में बरसात के साथ ओले गिरे। शुक्रवार को दिन भर आसमान में काली घटा छायी रही। शाम साढ़े चार बजे से शामली शहर में बूंदाबांदी शुरू हुई।
कांधला के मोहल्ला मोलानान निवासी पूर्व सभासद अफजाल ने नाला रोड के निकट आठ बीघा भूमि पर गेहूं की फसल बो रखी थी। किसान का कहना है कि तेज बारिश और ओलों से उनके खेत के अलावा पड़ोसी किसान आसिफ, कादिर, सुलेमान आदि के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल भी गिरकर नष्ट हो गई है। किसानों ने प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
उधर, कैराना क्षेत्र में भी बृहस्पतिवार शाम तेज हवाओं के साथ ही बारिश आने के मौसम में ठंड बढ़ गई। वहीं, शुक्रवार को भी पूरे दिन तेज हवा चलती रही। शाम के समय बूंदाबांदी के बीच ओलावृष्टि के कारण गेहूं और सरसों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसान आरिफ, विनोद, अयूब, अखलाक, मेहंद्र आदि का कहना है कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं और सरसों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि शनिवार को मौसम खुलने की संभावना है। दोपहर में धूप भी निकल सकती है।
तेज हवा और बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान
झिंझाना। बृहस्पतिवार शाम तेज हवा के साथ हुई बारिश से गेहूं की फसल नष्ट होने से अब किसान परेशान दिखाई दे रहा है। किसान त्रिभवन गोयल महकसिंह दहिया, मांगेराम, राजबीर, हरेंद्र आदि का कहना हैं कि इस वक्त गेहूं की फसल पककर तैयार है। गेहूं की बाली में अनाज बनने के बाद अगर फसल जमीन पर गिर जाती है। तो उसके अंदर का गेहूं का दाना बारीक व काला पड़ने से गेहूं की पैदावार तो कम होती ही है। उसका स्वाद भी बदल जाता है। जिसकी की बाजार में कीमत भी कम हो जाती है। इस समय की बारिश किसानों को आर्थिक हानि पहुंचाने वाली साबित होगी।