शामली/कांधला। डा. एपीजे अब्दुल कलाम की वर्षगांठ के अवसर पर नगर के सिल्वर बेल्स स्कूल में विज्ञान मेले का आयोजन किया गया।
जिला विज्ञान क्लब शामली द्वारा आयोजित तीन दिवसीय विज्ञान मेले का शुभारंभ सिल्वर बेल्स स्कूल के प्रांगण में भरत जी पांडे एडीएम शामली के कर कमलों द्वारा संपन्न हुआ।
तीन दिन तक चलने वाले इस विज्ञान मेले को आई एम कलाम का स्लोगन दिया गया। इसे मिसाइल मैन कलाम को समर्पित किया गया है। इस कार्यक्रम में तीन दिनों में वाद विवाद, भाषण प्रतियोगिता, चार्ट मॉडल प्रतियोगिता, विज्ञान प्रश्नोत्तरी, विज्ञान नाटिका आदि अनेक प्रतियोगिताओं में यूपी बोर्ड एवं सीबीएसई के लगभग 31 विद्यालयों के 570 छात्र छात्राएं हिस्सा लेंगे। शनिवार को इस अवसर पर सभी विद्यालयों से आए छात्र छात्राओं एवं अध्यापक अध्यापिकाओं को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि भरत जी पांडे ने विज्ञान को विशिष्ट ज्ञान की संज्ञा दी एवं विज्ञान के विकास को जन मानस तक विस्तार करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों का यह दायित्व है कि वह दैनिक जीवन में उपयोगी विज्ञान एवं कानून की जानकारी अपने छात्र छात्राओं को अवश्य प्रदान करें। जिससे वह भविष्य में स्वस्थ एवं भययुक्त जीवन यापन कर सकें। जो प्रत्येक नागरिक का मूलभूत अधिकार है। एसडीएम एमपी सिंह ने अपने संबोधन में हर व्यक्ति को एक विशिष्ट व्यक्तित्व बताया और कहा कि अपनी विशेष क्षमताओं का जानना और उसका विकास ही विज्ञान का आधार है।
सीओ सिटी निशांक शर्मा ने कहा कि वैज्ञानिक प्रगति को अपने ऊपर हावी न होने दे, बल्कि प्राकृतिक एवं वैज्ञानिक जीवन के बीच सामंजस्य बैठाकर वैज्ञानिक मानसिकता के साथ सरल जीवन यापन ही एक स्वस्थ समाज का आधार है। इस अवसर पर एसडीएम एमपी सिंह, सीओ सिटी निशांक शर्मा व सिल्वर बैल्स स्कूल के चेयरमैन अजय संगल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
उधर, गांव गढ़ी दौलत के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम के जन्मदिन पर खेलकूद एवं विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शन में प्रतिभागियों ने कई माडल प्रस्तुत कर अपनी वैज्ञानिक क्षमताओं को जाहिर किया। इसके अलावा खेल स्पर्धाओं में दमखम दिखाया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एसडीएम कैराना भानू प्रताप यादव और हजरत मौलाना आकिल ने संयुक्त रूप से फीता काटकर उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में हर किसी के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण की जरूरत है। वैज्ञानिक एवं तकनीकी क्षमताओं के बिना कोई भी देश आगे नहीं बढ़ सकता है। इसलिए बच्चे विज्ञान में क्षमताएं बढ़ाकर डा. कलाम के सपनों का भारत बनाएं।
इस दौरान छात्र-छात्राओं ने विज्ञान विषय पर आधारित चार्ट ओर मॉडल प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य मोहम्मद यामीन, कासिम शाह, मंजूर अहमद, साजिद अहमद, कौसर, नासिर, आदिल, इरफान, सालिम, सेठपाल, हाफिज आलिम सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।