ऊन। गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने तहसील ऊन में प्रदर्शन किया। एसडीएम कैराना को मांग पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर क्षेत्र के सैकडों किसानों ने तहसील परिसर में सुबह 10 बजे पहुंच कर प्रदर्शन। मिल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
किसानों का आक्रोश देखते हुए तहसीलदार तहसील से निकल गए। जब किसानों को इस बात का पता लगा तो किसानों ने तहसील के सभी कार्य को बंद करने का ऐलान कर दिया। अधिकारियों को अपने बीच में बुलाने की मांग की। जिसके बाद एसडीएम कैराना भानू प्रताप व तहसीलदार मदनलाल राठौर किसानों के बीच पहुंचे। जिस पर किसानों ने तहसीलदार को जमकर खरीखोटी सुनाई।
किसानों ने पांच दिन के अंदर पूर्ण भुगतान, मिल के द्वारा टैगिंग आदेशों का उल्लघंन करने के मामले में मुकदमा कायम कराना आदि की मांग की। एसडीएम ने उच्चधिकारियों से वार्ता के बाद किसानों को बताया कि टैगिंग आदेशों के उल्लघंन की कार्यवाही डीसीओ के आने के बाद होगी। वहीं चीनी नीलामी के लिए 13 अक्टूबर की तारीख नियत है। गन्ना आवंटन के लिए शासन को पत्र भेजा जायेगा, लेकिन किसान इस आश्वासन को लिखित में देने की मांग पर अड़ गए। जिसमें एसडीएम द्वारा असमर्थता जताई गई।
बुधवार को मिल गेट पर धरने पर बैठ कर आगे की रणनिति तय करने का फैसला लिया। तहसील में धरने प्रदर्शन पर रालोद जिलाध्यक्ष ऋषिराज राझड, जिला पंचायत मुकेश सैनी, अनवार चौधरी ने भी पहुंचकर समर्थन किया तथा नीटू गागोर, सनोज टोडा, राजबीर, धर्मवीर कश्यप, रवि सिरोही, संजीव, भास्कर चौधरी, चेयरमैन बेदपाल चिकारा, रविंद्र आदि भी शामिल रहे। उधर मिल गेट बंद होने के बावजूद भी मिल कर्मियों की गाड़ी मिल में जा रही थी, जिसका किसानों ने विरोध किया और गाड़ी को लौटा दिया।