शामली। फोरेंसिक जांच के लिए अब शामली पुलिस को मुजफ्फरनगर फोरेंसिक जांच दल का मुंह नहीं ताकना पड़ेगा। शासन ने जिले के लिए मोबाइल फोरेंसिक वैन किट की व्यवस्था कराई गई है। लैब में प्रयोग होने वाला सामान जिला मुख्यालय पर पहुंच चुका है।
शामली में हो रहे मर्डर और पूर्व में हुई कई डकैती, लूट के मामले में पुलिस को फोरेंसिक एक्सपर्ट की जरूरत पड़ी। जिला बनने के पांच साल बाद भी शामली पुलिस को फोरेंसिक टीम उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके लिए मुजफ्फरनगर फोरेंसिक टीम का सहारा लेना पड़ता था। इसी के चलते शामली में शासन द्वारा फोरेंसिक लैब स्वीकृत करते हुए इसका सामान भी भेेजा गया है।
इसमें कैमरा, क्राइम सीन प्रोटेक्शन किट, एसओजी टूल किट, सर्च लाइट, हेलमेट विद लाइट, डिजीटल माइक्रोस्कोप इलूमिनेटिड, कोल्ड चेन मेंटेनिंग किट सहित अन्य सामान है। हालांकि अभी वैन नहीं आई है। जिसके चलते फिलहाल इस सामान को पुलिस लाइन में किसी वाहन में रखा जाएगा और वैन आने तक उसी से काम चलाया जाएगा। एसपी विजय भूषण का कहना है कि लैब को संचालित करने के लिए पुलिसकर्मियों को फोरेंसिक की ट्रेनिंग दिलवाई जाएगी।