महिला दरोगा को न्याय दिलाने के लिए हुंकार भरी
कैराना (शामली)। कैैराना में महिला दरोगा के उत्पीड़न के खिलाफ गुर्जर समाज के लोगों ने पंचायत कर दरोगा को न्याय दिलाने के लिए हुंकार भरी। गांव बुच्चाखेडी में हुई पंचायत में पहुंचे भाजपा नेता एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनीष चौहान ने मामले से सीएम को अवगत कराने की बात कही है।
महिला दरोगा अंजू ने वीडियो वायरल कर कोतवाली प्रभारी प्रेमवीर राणा पर उत्पीड़न करने के आरोप लगाए थे। बुधवार शाम करीब पांच बजे गांव बुच्चाखेडृी स्थित मंदिर परिसर में गुर्जर समाज की पंचायत हुई। पंचायत के दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष व भाजपा नेता मनीष चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री और सीएम का संदेश है कि बेटियों को आगे बढ़ाना है। दरोगा अंजू एंटी रोमियो टीम की प्रभारी होने के नाते युवतियों व छात्राओं को ट्रेनिंग देती हैं कि किस तरह गलत व्यवहार करने वालों से निपटा जाए, लेकिन उन्हीं के साथ ऐसी घटना होती है तो बहुत दुखदायी है। उन्होंने कहा कि महिला दरोगा को इंसाफ दिलाया जाएगा। इसके लिए वो उच्चाधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक बात करेंगे। बाद में पंचायत में पांच लोगों की कमेटी बनाई गई, जो मामले में अंजू को इंसाफ दिलाने के लिए काम करेगी। मनीष चौहान ने दो दिन में कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर संजीव प्रधान गंगेरू, दासी प्रधान बलवा, सुंदर प्रधान जगनपुर, सालिम खेड़ा कुरतान, राजेश पूर्व प्रधान बुच्चाखेड़ी, कपिल गुर्जर, अशोक कुमार एडवोकेट, शैलेंद्र चौधरी एडवोकेट आदि मौजूद रहे।
युवाओं में उबाल
कैराना। बुच्चाखेडी में गुर्जर समाज की पंचायत के दौरान जब पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि वह अधिकारियों से मामले में वार्ता करेंगे, तो कुछ युवक पंचायत में खड़े हो गए। एक युवक ने कहा कि एसआई अंजू दिलेर हैं, जो उसने सोशल मीडिया पर आकर अपनी समस्या बता दी। यदि वह चुपचाप रहकर आत्मघाती कदम उठा लेती तो क्या होता। युवाओं ने कोतवाली प्रभारी को सस्पेंड कराने की मांग की।
बार एसोसिएशन ने प्रकरण से दूरी बनाई
कैराना। बुधवार को अधिवक्ताओं ने महिला दरोगा अंजू को इंसाफ दिलाने के लिए नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा. लेकिन बार एसोसिएशन के महासचिव संजय सिंह पुनिया ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि एसोसिएशन महिला दरोगा व कोतवाली प्रभारी के मामले का समर्थन अथवा विरोध नहीं करती। बार एसोसिएशन का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। अगर अधिवक्ताओं ने ज्ञापन दिया तो वह उनका अपना व्यक्तिगत मामला है।