शामली। मंडल के संयुुक्त कृषि निदेशक डॉ. आरएस राम ने जिले के कृषि विभाग के अफसरों के साथ धान, उर्द एवं गन्ने की फसलों का निरीक्षण करके उसमे लगने वाली बीमारियों सेबचाव के बारे में किसानों को अवगत कराया। उन्होंने धान में लगने वाले पत्ती लपेटक, तना छेदक, ब्राऊन प्लांट हापर, गंधी, बंग
,शीथ, ब्लाइट, बकानी, ब्लास्ट सहित अन्य कीटों से फसलें बचाने का आह्वान किया।
शनिवार को राजकीय कृषि प्रक्षेत्र अलाऊदीन फार्म, ऊन ब्लाक में सिकंदरपुर गांव में पहुंचकर संयुुक्त कृषि निदेशक ने फसलों का निरीक्षण किया। उन्होंने फार्म प्रभारी से धान में लगने वाले कीट से बचाव के बारे में मंत्रणा की। उन्होंने बताया कि उर्द, मूंग में पीला मौजक वायरस जनित रोग सफेद मक्खी के कारण फैलता है। इसमें पत्तियां पीली चितकबरी हो जाती हैं। वह फली नहीं बनने नही देती हैं। समय रहते कीटनाशकों का छिड़काव करते रहना चाहिए।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सहभागी फसल निगरानी एंव निदान प्रणाली योजना चलाई जा रही है। इसमें किसानों को बीमार फसल का फोटो तथा अपना पता दिए गए नंबरों में मैैसेज भेजना है। विभाग द्वारा 48 घंटे में घर बैठे ही समस्याओं का निदान किया जाएगा।
ऊन ब्लाक के सिकंदरपुर गांव में किसान गोष्ठी की गई। इसमें सरकार द्वारा चलाई जा रही नेशनल फूड सिक्योरिटी मिशन, नेशनल आयल सीड मिशन, मृदा स्वास्थ्य योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के बारे में जानकारी दी गई। आयोजित कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल होने वालों में उप कृषि निदेशक संतोष कुमार सविता, जिला कृषि अधिकारी आनंद त्रिपाठी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी उमेश शाहू मौजूद रहे।