शामली। खेत की सिंचाई में खर्च धनराशि के रूप में 17 लाख रुपये का जुर्माना बिजली विभाग के एसई- समेत तीन अधिकारियों पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम ने लगाया है।
यह धनराशि एक माह में जमा करने के आदेश दिए गए हैं। फोरम ने क्षतिपूर्ति की धनराशि जिम्मेदार अधिकारी के वेतन से वसूलने व पीड़ित किसान का नलकूप का बिजली कनेक्शन पांच नवंबर 2009 से चालू करने की अवधि तक विद्युत उपयोग न होने से इस अवधि का बिजली बिल माफ करने के निर्देश दिए हैं।
गुरुद्वारा रोड कांबोज कालोनी निवासी शामली के विपिन कुमार ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता खंड तृतीय व उपखंड अधिकारी द्वितीय खंड को आरोपी बनाकर वाद दायर किया था। निजी नलकूप का बिजली कनेक्शन की सभी औपचारिकताओं को पूरी करके पांच नवंबर 2009 को आवेदन अधिशासी अभियंता खंड तृतीय कार्यालय में किया था। बिजली विभाग ने ट्रांसफार्मर लगाने के लिए पैकेज बनाकर भेजा था।
9 माह बाद गत 26 फरवरी 2011 को पैकेज को स्वीकृति प्रदान की गई। विद्युत लाइन सुधार प्रणाली के तहत पैकेज स्वीकृत किए जाने के बाद नलकूप पर ट्रांसफार्मर की व्यवस्था नहीं की गई। जिस कारण फसल सूख गई। फोरम के अध्यक्ष एसके एस यादव, सदस्य श्रवण कुमार ने मामले की सुनवाई करते हुए खेत की सिंचाई में खर्च के नुकसान की क्षति पूर्ति 16 लाख रुपये, मानसिक क्षति पूर्ति एक लाख रुपये एक माह में अदा करने का आदेश दिया है।
फोरम ने क्षतिपूर्ति की धनराशि जिम्मेदार अधिकारी के वेतन से वसूलने व पीड़ित किसान का नलकूप का बिजली कनेक्शन पांच नवंबर 2009 से चालू करने की अवधि तक विद्युत उपयोग न होने से इस अवधि का बिजली बिल माफ करने के निर्देश दिए हैं।