शामली। एनएचएआई के खाते से 4.41 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने के मामले में पुलिस जांच में कई तथ्य सामने आए हैं। रुद्रपुर के जिस इंडसिंड बैंक से रुपये निकाले गए थे, उसके सीसीटीवी में तीन और संदिग्ध कैद हैं, जिन्होंने रुपये ट्रांसफर कराए। उधर, पुलिस की जांच में चेक भी फर्जी पाए गए।
एसडीएम शामली विनय प्रताप सिंह भदौरिया ने आदर्श मंडी थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि शामली जिले में दिल्ली-देहरादून हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जा रही है। आरोप था कि सक्षम प्राधिकारी शामली व परियोजना निदेशक बागपत के फर्जी हस्ताक्षर कर एनएचएआई के खाते से 4 करोड़ 41 लाख रुपये की धनराशि नानकसर इंफ्रा के नाम से रुद्रपुर के इंडसिंड बैंक से अन्य खातों में ट्रांसफर कर दी गई।
नानकसर इंफ्रा और रुद्रपुर के इंडसिंड बैंक के खिलाफ शामली में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। दूसरी रिपोर्ट रुद्रपुर में दर्ज कराई थी। इस मामले में रुद्रपुर पुलिस ने बैंक के मैनेजर देवेंद्र सिंह पुत्र होशियार सिंह, बैंक कैशियर महिला प्रियम सिंह को बुधवार को गिरफ्तार किया था। दोनों उधमपुर नगर के ही हैं।
पुलिस के अनुसार, जांच में पता चला है कि तीन और संदिग्ध युवकों ने धोखाधड़ी की है। बैंक की सीसीटीवी फुटेज से उन तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा रुद्रपुर में गिरफ्तार हुए दोनों आरोपियों को शामली पुलिस भी रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी ताकि घटना के बारे में अन्य जानकारी पता लग सके। एसपी रामसेवक गौतम का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को रिमांड पर लिया जाएगा।
-कई अन्य बैंक कर्मचारियों का फंसना भी तय
धोखाधड़ी के इस मामले में रुद्रपुर बैंक के अन्य अधिकारियोंं, कर्मचारियों का फंसना भी तय माना जा रहा है, क्योंकि फर्जी चेक 31 अगस्त को ही बैंक में जमा कराए गए। 31 को ही रुपये खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। परियोजना निदेशक से एक बार कंफर्म करना तक बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों ने मुनासिब नहीं समझा।
रुद्रपुर की एएसपी निहारिका सिंह का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही फरार आरोपी भी गिरफ्त में होंगे।