शामली, जलालाबाद। हसनपुर लुहारी गांव के ट्रक सहायक (हेल्पर) संजू की उड़ीसा में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। बुधवार सुबह जब युवक का शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने बिना आर्थिक सहायता मिले शव को एम्बुलेंस से उतारने से मना कर दिया। मामले को लेकर हंगामा चलता रहा। बाद में गांव पहुंचे ट्रक मालिक ने मृतक के परिवार को सरकार से मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने मृतक का अंतिम संस्कार किया।
क्षेत्र के गांव हसनपुर लुहारी निवासी संजू (38) पुत्र मुन्ना लाल ट्रक पर हेल्पर था। करीब एक सप्ताह पहले वह अपने घर से ट्रक पर गया था। इसके बाद उसने एक सितंबर को उड़ीसा के केन्दुझर जिले से लोहा भरकर हिमाचल के काला आम्ब के लिए चले। रास्ते में जब वह उड़ीसा के ही मयूरभंज जिले में पहुंचे तो दोपहर करीब एक बजे पहाड़ी से उतरते समय अचानक ट्रक अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा। संजू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया।
बुधवार सुबह उड़ीसा से एंबुलेंस के जरिए संजू का शव हसनपुर लुहारी स्थित उसके गांव पहुंचा। शव घर पहुंचते ही परिवार सहित पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। उधर, मौके पर मौजूद परिजनों ने संजू के शव को एंबुलेंस से उतारने से मना कर दिया। परिजनों का कहना था कि जिस वक्त हादसा हुआ संजू ट्रक में बतौर हेल्पर मौजूद था। लेकिन ट्रक मालिक ने दुर्घटना का मुआवजा लेने के लिए जो प्रक्रिया शुरू की है उसमें से संजू को बाहर कर दिया है।
परिजनों ने आरोप लगाया कि ट्रक मालिक दुर्घटना का सारा मुआवजा खुद लेना चाहता है। परिजनों के विरोध के बाद ट्रक मालिक गांव पहुंचे। इसके बाद पहले तो उन्होंने परिजनों को समझा बुझाकर शांत किया। इसके बाद दो दिन के भीतर पहले सवा लाख रुपये देने और मुआवजा मिलने पर वह भी परिजनों को देने का वादा किया। इस पर परिजन शांत हुए। बाद में करीब साढ़े आठ बजे संजू का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। मृतक के भाई सोनू ने बताया की संजू तीन भाइयों में सबसे छोटा था। परिवार में संजू की पत्नी, 11 साल की बेटी व एक छह साल का बेटा है।