फर्जी दस्तावेज से सेना में भर्ती कराने वाले गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार
शामली। गढ़ीपुख्ता थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर सेना में भर्ती कराने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से फर्जी दस्तावेज, बैंक चैक, एटीएम कार्ड, चार मोबाइल फोन, तीन हजार रुपये और कार बरामद की है।
शनिवार को एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि गढ़ीपुख्ता पुलिस ने सेना में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भर्ती कराने वाले शातिर गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के नाम सुरेंद्र निवासी ग्राम डिंडवाड़ा थाना राजाखेड़ा जनपद धौलपुर (राजस्थान), सतीश निवासी ग्राम नगलामियां नशीरपुर थाना सादाबाद जनपद हाथरस और सर्वेंद्र निवासी ग्राम कासमपुर थाना बाबरी जनपद शामली है। इनके कब्जे से दो चैक प्रत्येक चैक 50 हजार रुपये की धनराशि का, बैंक की एक पासबुक, दो एटीएम कार्ड, फर्जी दस्तावेज जाति प्रमाण पत्र एवं सामान्य निवास प्रमाण पत्र, चार मोबाइल फोन, कार और तीन हजार रुपये बरामद हुए हैं। एसपी के मुताबिक ये तीनों आरोपी फर्जी आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, सामान्य निवास प्रमाण पत्र आदि तैयार कराकर बेरोजगार युवकों को सेना में भर्ती कराने का काम कई साल से कर रहे थे। इस काम के बदले में गिरोह के सदस्य भर्ती होने वाले युवकों से मोटी रकम लेते थे। आरोपियों के कब्जे से जो फर्जी सामान्य निवास और जाति प्रमाण पत्र बरामद हुए है जो जनपद शामली का पता दर्शा कर बनवाए गए हैं। जबकि भर्ती कराए गए युवक गैर जनपद के रहने वाले हैं। फर्जी दस्तावेज के आधार पर तीन अभ्यर्थी स्वयं को जनपद शामली का मूल निवासी दर्शाते हुए सेना भर्ती में सम्मिलित हुए थे, जबकि वास्तव में वे जनपद शामली के निवासी नही हैं। भर्ती के उपरांत पुलिस सत्यापन के अभिलेख थाने भेजे गए थे। जिसकी जानकारी होने पर तीनों आरोपी सत्यापन रिपोर्ट ठीक कराने के लिए शामली आए थे। पुलिस ने तीनों को दबोच लिया। एसपी ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी सतीश के आगरा से और सुरेंद्र धौलपुर राजस्थान से पूर्व में जेल जाने की जानकारी मिली है। तीनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है।
- मोबाइल डाटा में मिली महत्वपूूर्ण जानकारी
एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन में भर्ती कराए जाने संबंधी महत्वपूर्ण डाटा और रकम का लेन देन होने का विवरण पाया गया है। इस गिरोह का नेटवर्क आगरा, लखनऊ समेत कई बड़े शहरों में फैला होने की जानकारी मिली है। गिरोह के दो-तीन सदस्य आगरा के निवासी बताए गए हैं, जिनके बारे में आगरा पुलिस को जानकारी दे दी गई है। एसपी ने बताया कि आरोपी जिन तीन युवकों के दस्तावेजों की सत्यापन रिपोर्ट ठीक कराने आए थे, उनकी नेगेटिव रिपोर्ट थाना गढ़ीपुख्ता से मार्च माह में पहले ही भेजी जा चुकी है। एसपी ने बताया कि आरोपियों को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की जाएगी। रिमांड पर लेकर आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जाएगी, जिसमें कई महत्वपूर्ण राज खुलने की उम्मीद है।