पुराने संसाधनों से आग बुझाने में लगे तीन घंटे
शामली। जनपद में अग्निशमन विभाग के पास संसाधनों की कमी है। पुरानी जर्जर हालत में पहुंच चुकी गाड़ियों से आग बुझाने की मशक्कत की जाती है। कांधला में पटाखा फैक्टरी में लगी आग को बुझाने में अग्निशमन कर्मियों को तीन घंटे लग गए। आग के देरी से बुझने की वजह पर्याप्त संख्या में गाड़ियां न होना बताया गया है।
शुक्रवार शाम को कांधला में पटाखा फैक्टरी में आग लगने की सूचना पर दोनों बड़ी गाड़ी और एक छोटी गाड़ी मौके पर पहुंची। पुरानी होने के कारण उनके पहुंचने में ही करीब पौन घंटा लगा, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी और धमाके के साथ पटाखे फटते रहे। तीनों गाड़ियों की मदद से करीब तीन घंटे में आग बुझ सकी। अगर आग बुझाने के संसाधन पर्याप्त होते तो जल्द काबू पाया जा सकता था। फायर स्टेशन प्रभारी अजीज खान ने बताया कि कांधला में पटाखा फैक्टरी में लगी आग पर काबू पहले ही पा लिया गया था, लेकिन आग को पूरी तरह से बुझाने में लगभग तीन घंटे का समय लगा है।
- ये हैं संसाधन
फायर ब्रिगेड के पास एक बड़ी गाड़ी 1997 की है तो दूसरी 1983 मॉडल है। दो छोटी गाड़ी वाटर मिस्ट हाई प्रेशर पंप वाली है। स्टाफ के नाम पर सीएफओ, एक एफएसओ, पांच हेड कांस्टेबल, पांच लीडिंग फायरमैन और करीब 20 फायरमैन हैं। जनपद मुख्यालय पर एक बड़ी गाड़ी और एक छोटी गाड़ी रहती है। कैराना में एक बड़ी गाड़ी खड़ी की जाती है। एक छोटी गाड़ी ऊन तहसील पर रहती है।
-- सीएचसी शामली से चिकित्सकों की टीम पहुंची
शामली। कांधला में पटाखा फैक्टरी में आग लगने की सूचना पर सीएमओ डाक्टर संजय भटनागर ने सीएचसी शामली पर भी चिकित्सकों को अलर्ट कर दिया था, ताकि कोई झुलसा हुआ व्यक्ति पहुंचता है तो तत्काल उपचार कराया जा सके । साथ ही सीएमओ ने सीएचसी शामली से चिकित्सा अधिकारी डाक्टर विजेंद्र कुमार, डाक्टर सुहेल और फार्मेसिस्ट अजय कुमार आदि की टीम को रवाना किया। एंबुलेंस को भी तत्काल मौके पर भेजा गया। झुलसे लोगों को सीएचसी शामली तक लाने के लिए रास्ते में किसी तरह की कोई दिक्कत न हो, इसके लिए पुलिस ने दिल्ली रोड से लेकर अस्पताल रोड तक सड़क किनारे वाहनों को हटवाया। ठेले वालों को भी पीछे हटवाया गया था।
कांधला में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से दूर पडा क्षत विक्षत शव- फोटो : SHAMLI
शामली जिले के कांधला में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट के बाद लगी आग से उठता धुआं- फोटो : SHAMLI