कैराना जामा मस्जिद में जुमे की नमाज अदा करते अकीदतमंद-संवाद
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शामली/बिडौली/ बाबरी। जिलेभर की मस्जिदों में रमजान माह के दूसरे जुमे की नमाज अदा कर अकीदतमंदों ने देश दुनिया में अमन चैन की दुआ मांगी। इस वर्ष सदका ए फितर यानी दान 50 रुपये तय किया गया। उलमाओं ने ईद से पहले फितरे की रकम जरूरतमंदों का देने की अपील की है।
शुक्रवार दोपहर करीब 1.25 बजे मौलाना शौकीन ने शामली की जामा मस्जिद में जुमे की नमाज अदा कराई। जामा मस्जिद पर बड़ी संख्या में अकीदतमंदों जुमे की नमाज अदा करने पहुंचे। भीड़ अधिक होने के कारण कुछ लोग मस्जिद के बाहर बड़ा बाजार में अकीदतमंदों ने नमाज अदा की। मौलाना शौकीन ने कहा कि रमजान का महीना अल्लाह की इबादत करना, रमजान रखना और भलाई के कार्य करना ही इस्लाम हमें सिखाता है। कहा कि इस बार एक आदमी का फितरा पचास रुपये तय किया गया है।
झिंझाना में मौलाना आजम ने कहा कि जिस मुस्लिम के पास साढ़े सात तौला सोना या 52 तौला चांदी या फिर इनकी कीमत हैं और उन्हें एक साल हो चुका है, तो उस व्यक्ति पर जकात फर्ज है। उक्त माल में से उसे ढाई प्रतिशत के हिसाब से जकात अदा करनी होगी। उन्होंने कहा कि फितरा भी साहिब-ए-हैसियत के मुताबिक हर मुसलमान पर फर्ज है, जिसमें हर शख्स को पौने दो किलो गेहूं या फिर इसकी कीमत अदा करनी चाहिए। इसके अलावा बिडौली, बाबरी, झिंझाना में भी मुस्लिमों ने नमाज अदा कर देश मेें अमन चैन की दुआ मांगी।
झिंझाना की मस्जिद नीला रोज में मौलाना याकूब, खारे वाली मस्जिद में मौलाना शुएब, तकिए वाली मस्जिद में मुफ्ती अनवर शाह तथा सलारे वाली मस्जिद में हाफिज इरशाद ने जुमे की नमाज अदा कराई।
कैराना में जामा मस्जिद में पवित्र रमजान के दूसरे जुमे की नमाज मौलाना ताहिर ने अदा कराई।इससे पूर्व मौलाना ताहिर ने अपने बयान में रमजान के महीने में जकात की अहमियत पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कैराना जामा मस्जिद में जुमे की नमाज अदा करते अकीदतमंद-संवाद- फोटो : rajori news