शामली। परिचालक पद पर तैनात 60 आउटसोर्स कर्मचारियों को ऊर्जा निगम से हटाए जाने के विरोध में कर्मचारियों ने शुक्रवार को शहर में कैराना रोड स्थित विवाह मंडप में पंचायत की। कर्मचारी विभागीय अधिकारियों के खिलाफ खूब गरजे। कहा कि यदि आगामी 27 अक्तूबर तक सभी हटाए गए कर्मचारियों को वापस नहीं लिया गया तो कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर चले जाएंगे।
पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि हाल ही में चारों खंडों में तैनात 60 आउटसोर्स परिचालकों को हटा दिया गया है। उनके स्थान पर अन्य की तैनाती की जा रही है। अब हटाए गए कर्मचारियों के समक्ष परिवार का पालन पोषण करने की समस्या खड़ी हो गई है। उक्त कर्मचारी ऊर्जा निगम का काम ही जानते हैं, इसलिए उन्हें कहीं और और भी आसानी से नौकरी नहीं मिलेगी।
विभागीय अधिकारियों ने कर्मचारियों और उनके परिवारों को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया है। यह कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। आज उन्हें हटाया गया है कल अन्य कर्मचारियों को भी बिना नोटिस देकर बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। कर्मचारियों ने कहा कि उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी ने जल्द से जल्द हटाए गए कर्मचारियों की वापसी की मांग उठाई। 27 तक मांग पूरी नहीं होने पर 28 अक्तूबर से कार्य बहिष्कार का निर्णय पंचायत में सर्वसम्मति से लिया गया।
पंचायत के बाद सभी कर्मचारी अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पर पहुंचे और ज्ञापन देकर कर्मचारियों को फिर से वापस नौकरी पर रखने की मांग की। एसई ने जल्द मांग पूरा कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान विद्युत संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष रविंद्र कुमार, यशवीर सिंह, राजीव शर्मा, विनोद कुमार, ललित कुमार, सचिन कुमार, नितिन तितोरिया, मनोज कुमार, गुरमीत सिंह, बंटी कुमार,ख्विजय कुमार, रविपाल आदि शामिल रहे।
कर्मचारियों को हटाने का निर्णय प्राइवेट कंपनी का है। उसमें ऊर्जा निगम के अधिकारी कुछ नहीं कर सकते हैं। इस संबंध में प्राइवेट कंपनी के अधिकारियों से बात की जाएगी। - विनोद कुमार, एक्सईएन, शामली
छह बार कर चुके मांग, फिर भी समाधान नहीं
जिलाध्यक्ष रविंद्र कुमार, ललित कुमार ने बताया कि कर्मचारियों को हटाए 15 से अधिक दिन का समय बीत चुका है। वे उनकी फिर से तैनाती की मांग को लेकर छह बार एक्सईएन, एसई, प्राइवेट कंपनी के अधिकारियों से मिल चुके हैं मगर उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। यदि आवश्यकता पड़ी तो वे मंडल स्तर पर भी आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
सोशल मीडिया पर भी चलाई मुहिम
शामली। हटाए गए कर्मचारियों को वापस लाने के लिए कर्मचारियों ने फेसबुक, व्हाट्सएप पर भी अभियान चला दिया। जिसमें लोगों से सहयोग मांगा जा रहा है।