हर शनिवार को लघु कथाएं सुनाई जाएंगी
विद्यालयों में प्रार्थना स्थल पर हर शनिवार को लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करने वाली लघु कथाएं, प्रेरक, प्रसंग, गीत और अन्य गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। स्कूल के बाद ब्लॉक स्तर, जनपद, मंडल और राज्य स्तर पर भी खेलकूद प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। महापुरुषों के जन्मदिवस पर उनके जीवन और उनके योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। विद्यालय अवधि के बाद प्रत्येक शनिवार को शिक्षा चौपाल भी लगाई जाएगी।
कोर्स पूरा न होने पर लगेंगी अतिरिक्त कक्षाएं
शैक्षिक कैलेंडर का शत प्रतिशत अनुपालन न हो पाने की स्थिति में अतिरिक्त कक्षाएं लगवाई जाएगी। वहीं विद्यालय अवधि के दौरान शिक्षक संगठनों की ओर से आयोजित किसी भी गतिविधि में स्कूल का कोई शिक्षक कर्मचारी शामिल नहीं होगा। अपरिहार्य स्थिति में मंजूरी लेने के बाद ही कोई इसमें शामिल हो सकता है।
नई शिक्षा नीति के तहत कई बदलाव किए जा रहे हैं। सप्ताह में प्रत्येक दिन अलग प्रार्थना होंगी। इसके लिए एक टीम बनाई जाएगी, जो स्कूलों में चेकिंग करेगी। एकेडमिक कैलेंडर के हिसाब से प्रार्थना नहीं होने पर स्कूल प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई होगी। -कुमारी कोमल, बेसिक शिक्षा अधिकारी शामली