जिजौला में सूना पड़ा पेट्रोल पंप । संवाद
- फोटो : एक होटल पर इस्तेमाल हो रहा व्यावसायिक गैस सिलिंडर।
चौसाना। ईरान-इस्राइल के बीच चल रहे हमलों के बीच डीजल-पेट्रोल को लेकर मारामारी मची हुई है। जिजौला स्थित जनता फिलिंग स्टेशन पर रविवार से डीजल खत्म है, जबकि सोमवार सुबह करीब 11 बजे पेट्रोल भी समाप्त हो गया। इससे कई वाहन चालकों को बिना ईंधन लिए ही लौटना पड़ा।
किसान मेनपाल चौधरी ने बताया कि वह गन्ने की बुवाई के लिए ट्रैक्टर में डीजल लेने जिजौला पेट्रोल पंप पहुंचे थे, लेकिन वहां डीजल नहीं मिला। मजबूरी में उन्हें यमुना पुल पार कर हरियाणा से डीजल लाना पड़ा।
टोडा निवासी किसान अरविंद राठी ने बताया कि उन्हें मशीन से सरसों निकलवाने और खेत की जुताई के लिए डीजल चाहिए था। पंप पर डीजल न मिलने से उन्हें आशंका हुई कि युद्ध की स्थिति में आगे और किल्लत हो सकती है। इसी कारण वह हरियाणा से ड्रम में डीजल भरवाकर लेकर आए हैं।
जिजौला निवासी शहजाद राणा का कहना है कि खाड़ी देशों में युद्ध की आशंका के चलते लोगों के मन में तेल की कमी का डर बैठ गया है। इसी वजह से उन्होंने भी एहतियात के तौर पर अपनी बाइक की टंकी फुल करवा ली है।
चौसाना निवासी साजिद राणा ने बताया कि वह केवल 100 रुपये का पेट्रोल डलवाने गए थे, लेकिन पंप पर पेट्रोल खत्म होने की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने चौसाना के दूसरे पेट्रोल पंप से बाइक की टंकी फुल कराई, ताकि आगे परेशानी न हो।
पेट्रोल पंप संचालक का कहना है कि तेल की आपूर्ति में कोई कमी नहीं है, लेकिन अचानक मांग बढ़ने से कुछ समय के लिए दिक्कत हुई है। जल्द ही आपूर्ति सामान्य हो जाएगी।
जिला आपूर्ति अधिकारी अंकुर यादव का कहना है कि पेट्रोल, डीजल खत्म होने के बारे में जानकारी नहीं है। प्रयास रहेगा कि लोगों को समस्या नहीं होने दी जाए।