शामली, थानाभवन। कस्बे में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर पूर्व में सड़क हादसे हुए हैं। व्यस्ततम चौराहे पर न सिग्नल की व्यवस्था है और न ही यातायात पुलिसकर्मी तैनात रहता है। कस्बे के इस मुख्य चौराहे से होकर सहारनपुर, मुजफरनगर, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली आने वाले वाले बड़े वाहन निकलते हैं। हाईवे के दोनों तरफ फलों, सब्जियों की दुकानें ई रिक्शा, टैंपो, अवैध वाहनों का कब्जा बना हुआ है, जिस कारण पहले भी इस चौराहे पर हादसे हो चुके हैं।
कुछ दिन पूर्व ही कस्बे के शामली बस स्टैंड के मुख्य चौराहे पर ट्रक ने पावर ब्रेक फेल होने से कई रेहड़े को क्षतिग्रस्त कर दिया था और भैंसानी इस्लामपुर के बुजुर्ग की मौत हो गई थी। चरथावल चौराहे पर ट्रक द्वारा बाइक की टक्कर से लालूखेड़ी निवासी महिला की मौत हो गई थी, दो माह पूर्व भी चौराहे पर कार सवार ने पूर्व सभासद अनिल गोयल की बाइक में टक्कर मार गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
व्यापारी अमित गोयल का कहना है कि सभी छात्र-छात्राओं को सुबह हाईवे पार कर स्कूल तक पहुंचने के लिए दस मिनट तक इंतजर करना पड़ता है। ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था न होने के कारण बिना रुके भारी वाहन निकलते रहते हैं और हादसे का खतरा बना रहता है। प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। व्यापारी तनवीर अहमद का कहना है कि प्रशासन को चौराहे पर सिग्नल व्यवस्था, स्पीड ब्रेकर, संकेतात्मक बोर्ड आदि व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे चौराहे पर हादसे होने से बचा जा सकें।