शामली। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली मरीजों की मुश्किलें बढ़ा रही है। अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मरीजों को 50 दिनों का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं ऑटो एनालाइजर मशीन एक सप्ताह से खराब पड़ी है, जिससे लिवर, किडनी और लिपिड प्रोफाइल जैसी गंभीर जांचें भी बंद हैं।
जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराना है तो 50 दिन का इंतजार करना पड़ेगा। इसका कारण ये है कि एक ही मशीन पर जांच होती है और सीएमएस ही रेडियोलोजिस्ट का कार्य देख रहे हैं। एक दिन में 30-32 मरीजों का ही अल्ट्रासाउंड हो पाता है। जिला अस्पताल में मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच की निशुल्क सुविधा उपलब्ध है, लेकिन समय से जांच न होने से मरीजों को इसका लाभ कम ही मिल रहा है। मरीजों को प्राइवेट में महंगा शुल्क देकर उपचार कराना या फिर लंबा इंतजार करने को मजबूर होना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को अल्ट्रासाउंड कराने आए मरीजों को 13 सितंबर की तारीख दी गई। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा रेडियोलोजिस्ट का कार्य करने के साथ अस्पताल के अन्य कार्यों में व्यस्त रहते हैं। दूसरा रेडियोलोजिस्ट न होने से यह समस्या बनी हुई है।
उधर, जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में ऑटो एनलाइजर शुक्रवार से खराब होने के कारण मरीजों की लिवर, गुर्दे और हृदय संबंधी जांच नहीं हो पा रही है। एक सप्ताह से जांच बंद होने से मरीज भटक रहे हैं। इंजीनियर ने उसी दिन जांच करने पर सेंसर खराब होना बताया था। सेंसर के पार्ट्स लखनऊ से आने के कारण मशीन ठीक होने में अभी दो तीन दिन और लगेंगे। इसके बाद ही जांच शुरू हो सकेगी।
ये बोले मरीज
गांव कंडेला निवासी कविता ने बताया कि डाक्टर ने उसके पेट में इंफेक्शन बताते हुए अल्ट्रासाउंड जांच कराने की सलाह दी है। वह अल्ट्रासाउंड जांच कराने आई तो सितंबर की तारीख दे दी गई।
शामली निवासी पुष्पा ने बताया कि उसे अल्ट्रासाउंड जांच करानी है, लेकिन दो माह बाद की तारीख देकर वापस भेज दिया। अब उसे प्राइवेट में ही जांच करानी पड़ेगी।
शामली निवासी संतोष ने बताया कि वह पहले भी अल्ट्रासाउंड जांच कराने आई थी, उसे आगे की तारीख दे दी।
बुजुर्ग, गर्भवती और दिव्यांगों की पहले दिन होती है जांच
बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं और इमरजेंसी में मरीजों का पहले दिन अल्ट्रासाउंड हो जाता है। सामान्य मरीजों को दवा देकर आगे की तारीख दी जाती है। रेडियोलोजिस्ट के पद पर नियुक्ति के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
- डॉ. किशोर कुमार आहूजा, सीएमएस जिला अस्पताल।