फोटो ऑफ द डे...हीटर चालू, डॉक्टर नदारद....जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बुधवार की रात 8:21
शामली/कांधला। जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जिला अस्पताल में मरीज अपने घर से लाई रजाई से ठंड भगा रहे हैं। इमरजेंसी कक्ष में हीटर चल रहा है लेकिन यहां से चिकित्सक नदारद है। तीमारदार फर्श पर सो रहे हैं। कैराना सीएचसी में जरनल वार्ड में खिड़की के शीशे टूटे हुए है। बुधवार रात को अस्पतालों की हालत देखी तो इस तरह की स्थिति सामने आई।
जिला अस्पताल - समय रात 8:21 बजे
जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में चिकित्सक मौजूद नहीं थे लेकिन हीटर चल रहा था। इसके बराबर में इमरजेंसी वार्ड में मरीज नहीं था, लेकिन हीटर चल रहा था। महिला वार्ड में एक हीटर चलता हुआ मिला। यहां मरीज घर से लाई गई रजाई को ओढ़े हुए थे। फर्श पर कपड़ा बिछाकर तीमारदार लेटे हुए थे। उनका कहना था कि वे मरीज की देखरेख के लिए वे यहीं फर्श पर लेटे हुए हैं। जिला अस्पताल में बनाए गए रैन बसेरे खाली थे। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया कि सभी मरीजों को कंबल दिए जाते हैं। इमरजेंसी के लिए चिकित्सक व फार्मासिस्ट रात के समय ड्यूटी रूम में मौजूद रहते हैं। तीमारदारों के लिए रैन बेसरा में सभी व्यवस्थाएं की गई है। फर्श पर किसी तीमारदार के लेटने और चिकित्सक के नदारद रहने का मामला जानकारी में नहीं है। इसकी जानकारी की जाएगी।
सीएचसी कांधला- समय रात साढ़े 10 बजे : कांधला में जच्चा बच्चा वार्ड में हीटर चल रहा था। महिला चिकित्सक किरण और आशा मौजूद मिली। जनरल वार्ड में दो मरीज भर्ती थे। वार्ड की खिड़की टूटी हुई थी और हीटर भी नहीं था। इमरजेंसी वार्ड में डॉ. रवि कुमार की ड्यूटी थी, लेकिन वे मौजूद नहीं मिले।
सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि एक-दो दिन में शीशे लगवा दिए जाएंगे। इमरजेंसी के लिए चिकित्सक और फार्मासिस्ट बराबर के कक्ष में रहते हैं। थानाभवन सीएचसी पर वार्ड में कोई मरीज नहीं मिला। हीटर लगा हुआ था, जो चल रहा था। ऊन सीएचसी पर दो महिला मरीज भर्ती थी।
फोटो ऑफ द डे...हीटर चालू, डॉक्टर नदारद....जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बुधवार की रात 8:21