जलालाबाद। कस्बे में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर गंगोह तीतरो चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल न होने के कारण आए दिन जाम लगता है। चौराहे पर अवैध ई-रिक्शा, टैंपो के कारण हादसे हो रहे हैं। यातायात सिग्नल की मांग लोगों ने प्रशासन से की है।
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर जलालाबाद का मुख्य एवं सबसे व्यस्ततम गंगोह-तीतरो चौराहा है। कस्बे के इस व्यस्ततम चौराहे पर न ही सिग्नल की व्यवस्था है और न ही काफी समय से ट्रैफिक पुलिस की कोई व्यवस्था है। ई-रिक्शा, टैंपो, ठेली वालों आदि ने अवैध रूप से स्टैंड बनाकर अतिक्रमण किया हुआ है। चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस के नहीं रहने से हाइवे के दोनों तरफ अतिक्रमण व जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है। लोगों ने समस्या के समाधान की मांग की है।
- ये बोले लोग
समाजसेवी माजिद मलिक, प्रधान संजीव राणा का कहना है कि अति व्यस्ततम चौराहे पर ट्रैफिक लाइट्स व ट्रैफिक पुलिस की तैनाती हो जाए तो समस्याओं का समाधान हो जाएगा। प्रशासन को चौराहे पर सिग्नल व्यवस्था, स्पीड ब्रेकर, संकेतात्मक बोर्ड आदि व्यापक प्रबंध करवाने चाहिए। सभासद राशिद मलिक का कहना है कि लोगों को भी यातायात नियमों का पालन करना चाहिए।पुलिसकर्मी की तैनाती होनी चाहिए।
जलालाबाद में चौराहे पर हादसों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जाएगा। एसपी से बात कर पुलिसकर्मी की तैनाती कराई जाएगी। साथ ही, अवैध टेंपो, ई-रिक्शाओं के खिलाफ भी अभियान चलाया जाएगा। - रोहित राजपूत, एआरटीओ
- चौराहे पर हुए हादसों की बानगी
बीती 28 नवंबर को रोडवेज बस के पावर ब्रेक फेल होने से बस के आगे चल रही है बाइक और ई-रिक्शा बस की चपेट में आ गए। बस की टक्कर लगने से बाइक पर सवार हिंड के पूर्व प्रधान की मौके पर ही मौत हो गई थी। बीती 29 जुलाई को कार की चपेट में आने से एक व्यक्ति अमित की मौके पर मौत हो गई थी। 13 जनवरी को दूध से भरे टैंकर ने देहरादून जा रही कार में जोरदार टक्कर मार दी थी। हादसे में कार सवार छह लोगों की जान बाल-बाल बची।