शामली। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज शामली में महान वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु और गुरु नानकदेव जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।
शनिवार को कालेज में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना और जगदीश चंद्र बसु और गुरु नानकदेव के चित्र के सम्मुख पुष्पार्चन से हुआ। मुख्य अतिथि आचार्य अशोक सोम ने कहा कि विज्ञान में नए प्रयोग और नए चिंतन करने से नए आविष्कार होते हैं, जो सार्वजनिक जीवन को सुलभ बनाने के साथ-साथ उपयोगी भूमिका निभाते हैं। जगदीश चंद्र बसु एक महान वैज्ञानिक थे, जिन्हें जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, भौतिकी तथा पुरातत्व का गहरा ज्ञान था। इन्होंने एक यंत्र क्रेस्कोग्राफ का आविष्कार किया और इससे विभिन्न उत्तेजकों के प्रति पौधों की प्रतिक्रिया का अध्ययन किया।
बायोफिजिक्स के क्षेत्र में भी इनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। आचार्य प्रीतम सिंह प्रीतम ने गुरु नानकदेव के प्रति कविता सुनाकर सभी का मन मोह लिया। उन्होंने अपनी कविता के माध्यम से गुरु नानकदेव के आदर्शों, उनके अनुभवों तथा मानव जीवन के कल्याण हेतु किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला।
अध्यक्षता कर रहे प्रधानाचार्य आनंद प्रसाद ने आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। छात्रोें को जीवन में वैज्ञानिक सोच का विकास और आध्यात्मिक विकास करने पर बल दिया। संचालन ब्रिजेश सैनी ने किया। मौके पर उप प्रधानाचार्य मलूक चंद, मोहर सिंह, नीटू कश्यप, पवन कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, अंकुर कुमार, मधुबन शर्मा, अंकित भार्गव, ब्रजपाल सिंह, श्रीभगवान शर्मा, योगेंद्र सैनी, नितिन कुमार आदि मौजूद रहे।