चौसाना। खोखरी नदी पर खोदाई का कार्य एक बार फिर रुक गया है। चौसाना गांव के किसान का आरोप है कि राजस्व विभाग द्वारा पैमाइश कर जहां पर खोदाई कराई जा रही है वहां उसके खेत आते हैं। किसान के विरोध के बाद कार्य को रोक दिया गया। गांव की कुछ लोगों ने किसान को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान अपनी बात पर अडिग रहा।
चौसाना के गाव लक्ष्मीपुरा से खोखरी नदी की खोदाई का कार्य शुरू किया गया था। एक सप्ताह पूर्व पर कुछ लोगों ने खोदाई रुकवा दी थी, जिसके बाद राजस्व एवं ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों ने मामले को सुलझाया था। तब से खोखरी नदी की खोदाई का कार्य चल रहा था, लेकिन रविवार को गांव के एक किसान के विरोध के चलते कार्य फिर से प्रभावित हो गया।
किसान का आरोप है कि जिस जगह पर राजस्व विभाग ने पैमाइश कर निशानदेही की है, उसका खेत है। जिस पर वह लंबे समय से खेती करता रहा है। गांव के कुछ मौजिज लोगों ने मिल बैठकर मामले को सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों की बैठक निरर्थक साबित रही।
वहीं, चौसाना जदीद के ग्राम प्रधान गुरमुख सिंह का कहना है कि खोदाई के रास्ते में किसान का खेत है। ग्रामीणों ने आपस में बैठकर समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान मानने को राजी नहीं है। प्रभावित कार्य की अग्रिम कार्रवाई राजस्व एवं ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों के मध्य होगी, जिसके बाद ही कुछ रास्ता निकल पाएगा।