झिंझाना। सोमवार को बैंक खुले से पहले ही लोगों की लाइन लग गई। दोपहर तक लोगों ने लेन-देन किया। इस दौरान पुलिसकर्मी भी व्यवस्था संभाले रहे। रविवार को अवकाश के कारण बैंक बंद होने से सोमवार को बैंक खुलने पर उपभोक्ताओं की लंबी लाइनें लग गई थीं। भीड़ को पुलिस कर्मियों ने लाइन में लग कर व्यवस्थित किया।
थाना प्रभारी अवनीश गौतम ने बैंकों का दौरा किया। पंजाब नेशनल बैंक के शाखा मैनेजर सुनील कुमार ने बताया कि सोमवार को उपभोक्ताओं को बीस लाख रुपये वितरित किए गए, वहीं एसबीआई के शाखा प्रबंधक ने भी पच्चीस लाख रुपये उपभोक्ताओं को बांटने की जानकारी दी।
बैंकों में नहीं मिले नोट
कैराना। बैंकों में कैश की किल्लत के चलते बैंकों से कैश निकालने वाले परेशान रहे। सरकार ने जहां एक सप्ताह में खाते से 24 हजार रुपये निकालने की छूट दी थी वहीं कुछ बैंकों ने 2 हजार तो कुछ बैंकों ने 4 हजार रुपये की ही निकासी की।
नोटबंदी के 28 वें दिन भी बैंकों के बाहर सुबह से ही लाइनें लग गईं। बैंकों के बाहर भीड़ घटने का नाम नहीं ले रही है। वहीं कैश की कमी के चलते अधिकतर बैंक अपने ग्राहकों को 4 हजार व 2 हजार रुपये निकासी की ही सुविधा दे रहे हैं। सोमवार दोपहर बाद बैंकों में कैश खत्म हो जाने पर कई कई घंटे लाइन में लगे लोग बिना रुपये निकाले लौट गए।
टोकन दिए जाने के बाद कैश न देकर किया निराश
कैराना। केनरा बैंक में टोकन दिए जाने के बाद कैश खत्म होने का बहाना करके कैश नहीं दिए जाने का आरोप शाखा प्रबंधक पर लगाया गया है। कैराना निवासी इमरान ने बताया कि वह सुबह पांच बजे से खाते से दस हजार रुपये निकलवाने के लिए ग्राहकों की लाइन में लगा हुआ था।
लाइन में उसके आगे चालीस पचास लोग लगे हुए थे। आरोप है कि वह बैंक में अंदर गए तो बैक कर्मचारियों द्वारा उसे टोकन भी दिया गया। लंच के बाद कैश खत्म होने का बहाना बताकर कैश नहीं दिया गया। कैश न दिए जाने पर नागरिकों द्वारा हंगामा किया गया। बैंक में पांच लाख रुपये कैश मौजूद था।