कैराना। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश बंद होने के चलते यमुना नदी का जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा है। बृहस्पतिवार को यमुना का जलस्तर 229.15 मीटर दर्ज किया गया था, जो शुक्रवार को 15 सेंटीमीटर घटकर 229 मीटर रह गया।
मंगलवार को हथिनीकुंड बैराज से 31,500 क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा गया था, जिससे जलस्तर बढ़कर 229.45 मीटर तक पहुंच गया था। यह स्तर खतरे के निशान से 2.05 मीटर नीचे रहा। इसके बाद पहाड़ों पर बारिश रुकने से बैराज पर पानी का दबाव भी कम होने लगा। शुक्रवार सुबह हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी की मात्रा घटकर 14,523 क्यूसेक प्रति सेकंड दर्ज की गई। जलस्तर में गिरावट का यही प्रमुख कारण रहा
यमुना का जलस्तर घटा, फिर बढ़ने की आशंका
झिंझाना। यमुना नदी का जलस्तर घटने से किसानों को राहत मिली, लेकिन शुक्रवार शाम हथनीकुंड बैराज से छोड़े गए 9554 क्यूसेक पानी से शनिवार तक जलस्तर फिर बढ़ सकता है। ड्रेनेज विभाग की टीम सतर्क है और कटान प्रभावित क्षेत्रों पर निगरानी जारी है। फिलहाल बाढ़ जैसी कोई आशंका नहीं है।
ऊदपुर के किसान अनुज कुमार ने बताया कि जलस्तर कम जरूर हुआ है, लेकिन बैराज से पानी छोड़े जाने की खबर के बाद फिर चिंता बढ़ गई है। भड़ी निवासी नाजिम ने कहा कि रात में पानी चढ़ने की संभावना के चलते किसान पूरी तरह निश्चिंत नहीं हो पा रहे हैं। नाई नगला के महिपाल ने बताया कि जल कटाव लगातार हो रहा है, जिससे फसलें खतरे में हैं।