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...मेरे घर की दीवारें बोलती हैं

Fri, 08 Apr 2016 11:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली
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program - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। नव विक्रमी संवत की पूर्व संध्या पर ऑल इंडिया उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल और शामली डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन की ओर से पारिवारिक मिलन का आयोजन किया, जिसमें कवियों ने रचना पाठकर तथा बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करके खूब वाहवाही बटौरी।
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बृहस्पतिवार रात कैराना रोड स्थित गगन गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि डीएम सुजीत कुमार ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से सीख लेनी चाहिए और नववर्ष शुरू होने पर समाज हित में कार्य करने का संकल्प लेना चाहिए। मुख्य विकास अधिकारी वीके सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में अपनत्व की भावना का विकास होता है। पूर्व प्रमुख अय्यूब जंग ने कहा कि नववर्ष सभी के लिए तरक्की लेकर आए।

कार्यक्रम के दौरान दिल्ली से आए प्रसिद्ध कवि जय सिंह जय ने काव्य पाठ करते हुए पढ़ा छटपटाती है कुंआरी साधना मुस्कुराती है विवाहित वेदना, मन से मन हो समन्वय किस तरह जब भ्रमित है आजकल संवेदना।  
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कवि राकेश कौशिक ने पढ़ा प्यार से दर्द मैने पाला है, दर्द से मिल गया उजाला है। दर्द को गीत में मैने पिरोया है बन गई ऐसी गीतमाला है। वहीं, हास्य कवि सुनील टम्मी ने जय हो पत्नी रानी करती हो तुम मनमानी सुनाकर खूब वाहवाही बटौरी। कवि प्रदीप मायूस ने पढ़ा शहर में मीनारें बोलती हैं मेरे घर में दीवारें बोलती है, एक तरफ भाई खामोश है श्यन में दरारें बोलती हैं।

वहीं, कवि प्रीतम सिंह प्रीतम ने सुनाया देश ऋणी नहीं हो सकता गर नीयत झूठ नहीं होती, कटती कैसे काठ जो उसकी गर लोहे में मूठ नहीं होती। डॉ. अनुराग शर्मा ने पढ़ा नववर्ष की हर्षित बेला पर खुशियां मिले अपार, यश कीर्ति सम्मान मिले और बढ़े सत्कार।

ऑल इंडिया उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष महेश चंद बंसल ने जिलाधिकारी, सीडीओ वीके सिंह और पूर्व प्रमुख अय्यूब जंग को माल्यार्पण और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। संचालन डॉ. विपिन कौशिक और नीरज गर्ग ने संयुक्त रूप से किया। 
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