संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि पर कब्जा लेने पहुंची टीम को किसान संघर्ष समिति और किसानों ने बंधक बना लिया। करीब तीन घंटे बाद एसडीएम सदर बृजेश कुमार सिंह ने 28 जून से पैमाइश कराने की घोषणा की। इसके बाद किसानों ने अफसरों को बंधनमुक्त किया।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि पर कब्जा लेने सोमवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे बुटराड़ा के जंगल में निर्माण एजेंसी और तहसीलदार संत कुमार के नेतृत्व में राजस्व टीम जेसीबी लेकर पहुंची। इस पर बुटराड़ा और हाथी करौदा गांव के किसान एकत्र हो गए। किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे और विरोध शुरू कर दिया। हंगामे की जानकारी पाकर एसडीएम बृजेश कुमार पहुंचे तथा किसानों को समझाने का प्रयास किया। किसानों ने अफसरों को बंधक बना लिया।
उन्होंने कहा कि मौके पर जमीन की पैमाइश नहीं की जा रही है। अवार्ड में कम रकबा है जबकि मौके पर ज्यादा जमीन पर कब्जा लिया जा रहा है। खड़ी फसल का न तो मुआवजा और न ही फसल काटने का समय दिया जा रहा है। नाली व अंडरपास का भी हवाला नहीं दिया। इस पर एसडीएम सदर बृजेश कुमार सिंह ने कहा कि किसानों की भूूमि की पैमाइश शुरू होगी। जितना रकबा अवार्ड में आया है सिर्फ उतने पर ही पैमाइश करके कब्जा लिया जाएगा। शेष भूमि का दोबारा अवार्ड किया जाएगा। इसके साथ ही खड़ी फसल धान और ज्वार को काटने का किसानों को समय दिया जाएगा। सिंचाई की नालियों को बाधित नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नलकूप और पेड़ों का पुन: मूल्यांकन कराया जाएगा। किसानों ने प्रशासन को ईमानदारी से अमल करने के लिए कहा। किसानों ने समस्याओं का समाधान न होने तक विरोध जारी रखने की चेतावनी दी। मौके पर संघर्ष समिति के अध्यक्ष ठाकुर वीर सिंह, सचिव विदेश मलिक, विजेंद्र सिंह, योगेंद्र प्रधान, सहदेव सिंह, प्रमोद कुमार, हाजी तुफैल, राजकुमार, रवि मलिक आदि मौजूद रहे। वहीं, एसडीएम सदर बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि किसानों की समस्याओं को समाधान कर दिया है।
महज 12 किमी लंबाई पर मिला कब्जा
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर निर्माण के लिए चंडीगढ़ की एजेंसी ने कैडी-बाबरी मार्ग पर प्लांट स्थापित कर दिया है। निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर अवनीश चौहान ने बताया कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण के लिए दो साल का अनुबंध है। हालांकि अभी करौदा महाजन से ख्यावड़ी तक 12 किमी भूमि पर कब्जा मिला है।