शामली क्षेत्र के गांव राझड खंडसारी ईकाइ में बनी शक्कर
- फोटो : SHAMLI
शामली। योगी सरकार के चार साल के दौरान एक जिला एक उत्पाद योजना (ओडीओपी) में शामिल होने से जिले में गुड़ को विश्व में पहचान मिली है। शामली का गुड़ हरियाणा, पंजाब, गुजरात, मध्यप्रदेश, हिमाचल के साथ-साथ विदेशों में भी अपनी मिठास फैला रहा है।
शामली जिले की गुड़ खांडसारी इकाईयों का बना गुड़, शक्कर डिब्बों में पैकिंग होकर हरियाणा, मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, हिमाचल और पंजाब में व्यापारियों द्वारा महंगे दामों में भेजा जा रहा है। पंजाब के माध्यम से शामली का गुड़ और शक्कर अमेरिका, कनाड़ा, और आस्ट्रेलिया देशों में अपनी मिठास घोल रहा है। छह और सात मार्च को लखनऊ में दो दिवसीय गुड़ महोत्सव में जिले के उत्पादकों ने हिस्सा लिया था।
गुड़ लेकर मीमला गांव के राजेश कश्यप और राझड़ गांव के तैयब अंसारी बताते हैं कि महोत्सव में उनका गुड़ पांच हजार रुपये क्विंटल तक बिका है। राझड़ निवासी तैयब अंसारी का कहना है कि उनकी खांडसारी इकाई का गुड़ विदेशों में मिठाई के रुप में प्रयोग कर रहे हैं। वहां पर गुड़ और शक्कर के अच्छे दाम मिल जाते हैं।
राझड़ के खांडसारी इकाई के मालिक अयूब का कहना है कि 20 साल पहले वह पंजाब में राब से खांड़ बनाने थे। चीनी का दाम घटने से खांड़ के भाव में काफी अंतर आया है। जिससे खांड़ के स्थान पर गुड़ का उत्पादन शुुरू किया है। सहायक चीनी आयुक्त एवं जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने बताया कि इस साल चली जिले की 11 खांडसारी इकाईयों ने नए सत्र में एक लाख 51 हजार 503 क्विंटल गन्ने की पेराई की है। 2436 क्विंटल राब और एक लाख 36 हजार 232 क्विंटल गुड़ का उत्पादन किया है।
शामली क्षेत्र के गांव राझड खंडसारी ईकाइ में बना गुड- फोटो : SHAMLI
शामली क्षेत्र के गांव राझड खंडसारी ईकाइ में बना गुड- फोटो : SHAMLI