शामली। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आखिर शामली चीनी मिल ने पिछले सत्र का बकाया 11.07 करोड़ रुपये का संपूर्ण गन्ना भुगतान कर दिया है। पिछले सत्र का जिले की सभी चीनी मिलों ने 100 प्रतिशत कर दिया है। अब जिले की चीनी मिलों पर तीन माह आठ दिन यानि नए सत्र 2022-23 का 476.70 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है।
पिछले सत्र 2021-22 में जिले की चीनी मिलों ने किसानों का 1142.96 करोड़ रुपये का 355.14 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा था। नया सत्र चालू हो जाने के बाद जिले की चीनी मिलें बकाया गन्ना भुगतान करने में पिछड़ रही थी। सबसे पहले जनवरी के मध्य ऊन मिल ने पिछले सत्र का 100 प्रतिशत संपूर्ण गन्ना भुगतान किया था। बजाज समूह की थानाभवन मिल को बिजली का एक हजार करोड़ रुपये की दो किस्त स्वीकृत हो जाने के बाद इसी माह के प्रथम सप्ताह में एक अरब 7 करोड़ रुपये का किसानों का इसी माह संपूर्ण गन्ना भुगतान कर दिया था।
शामली चीनी मिल पर पिछले सत्र का 11.07 लाख अवशेष था। मंगलवार की शाम शामली चीनी मिल ने 11 करोड़ सात लाख रुपये का पिछले सत्र का संपूर्ण बकाया गन्ना भुगतान साफ कर दिया है। डीसीओ विजय बहादुर सिंह ने बताया कि जिले की शामली, थानाभवन, ऊन चीनी मिलों ने पिछले सत्र का संपूर्ण बकाया गन्ना भुगतान कर दिया है। जिले की चीनी मिलों पर नए गन्ना सत्र 2021-22 का 500 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है। जिसमें थानाभवन चीनी मिल पर सबसे ज्यादा गन्ना भुगतान है। उन्होंने बताया कि जिले की चीनी मिलों ने नए सत्र में किसानो से 168.25 लाख क्विंटल गन्ना 495.32 करोड़ रुपये में गन्ना खरीदा है। नए सत्र में शामली मिल को छोड़कर जिले की थानाभवन और ऊन चीनी मिल 18.63 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान किया है। जिले की चीनी मिलों पर नए सत्र का 476.70 करोड़ रुपये अवशेष है। जिले की चीनी मिलें नए सत्र का 3.76 प्रतिशत गन्ने का बकाया भुगतान कर पाई है।